मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का फ़ैसला – वन्य जीव आधारित पर्यटन से बढ़ाएंगे स्थानीय जनजीवन को समृद्धि

Jul 24, 2026 - 21:44
 139  501.8k
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का फ़ैसला – वन्य जीव आधारित पर्यटन से बढ़ाएंगे स्थानीय जनजीवन को समृद्धि
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का फ़ैसला – वन्य जीव आधारित पर्यटन से बढ़ाएंगे स्थानीय जनजीवन को समृद्धि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का फ़ैसला – वन्य जीव आधारित पर्यटन से बढ़ाएंगे स्थानीय जनजीवन को समृद्धि

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika

कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वन्य जीव आधारित पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय लोगों की आर्थिकी बढ़ाने का निर्देश दिया है। उन्होंने मानव वन्य जीव संघर्ष कम करने के लिए एक ठोस योजनाएं बनाने पर जोर दिया है।

देहरादून। शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड राज्य वन्यजीव बोर्ड और राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए, समय की आवश्यकता के अनुसार प्रदेश में मानव-वन्य जीव संघर्ष को रोकने तथा वन्य जीव आधारित पर्यटन को सशक्त बनाने के लिए प्रभावी कार्य योजनाएँ तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक का आयोजन सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन में किया गया, जहां मुख्यमंत्री ने मानव-वन्य जीव संघर्ष की रोकथाम, वन्यजीव गलियारों का संरक्षण और विभिन्न विकास परियोजनाओं से जुड़े प्रस्तावों पर तत्परता से कार्य करने के आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित कर सभी संबंधित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

वन्य जीव संरक्षण एवं स्थानीय लोगों की आजीविका

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार का वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता का संवर्धन और स्थानीय लोगों की आजीविका का समुचित समन्वय स्थापित करना प्राथमिक लक्ष्य है। इसके लिए वन्य जीव आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। इसके अंतर्गत मानव वन्य जीव संघर्ष में साहस दिखाने वाले लोगों को पुरस्कृत करने का भी निर्णय लिया गया है।

मुआवजा और विकास की दिशा में सुनिश्चितता

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति को वन्य जीवों के हमले में हानि होती है, तो उन्हें और उनके परिवार को निर्धारित समय पर मुआवजा प्रदान किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि सभी स्वीकृत विकास परियोजनाओं में वन्यजीव संरक्षण के दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करवाया जाना चाहिए।

प्रगति की समीक्षा और तकनीकी प्रयास

बैठक में राज्य में वन्यजीव संरक्षण के दिशा में की गई प्रगति की समीक्षा भी की गई। इस दौरान यह बताया गया कि वन भूमि हस्तांतरण से सम्बंधित योजनाओं और प्रोजेक्ट्स की स्वीकृति प्रक्रिया तेजी से चल रही है। मानव-वन्य जीव संघर्ष को कम करने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) का गठन किया गया है। इसके साथ-साथ नए औजार जैसे कैमरा ट्रैप, ड्रोन और सोलर लाइट जैसी तकनीकों का उपयोग भी बढ़ाया जा रहा है।

प्रकृति के संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय समुदायों की सहभागिता और आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए बाघ संरक्षण पर आधारित योजनाएँ बनाई जानी चाहिए।राजाजी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में गैस पाइपलाइन जैसे विकास कार्यों को सशर्त स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त, बाघ संरक्षण के लिए विशेष सुरक्षा बल गठित करने की भी योजना है।

वन्य जीवों की सुरक्षा और मानव-वन्य जीव संघर्ष का समाधान

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में वन्यजीव कॉरिडोर का संरक्षण और वनाग्नि प्रबंधन के प्रभावी उपाय किए जाने चाहिए। हरिद्वार कुंभ जैसे महापर्व के दौरान मानव वन्य जीव संघर्ष से बचाव के लिए QRT टीम की तैनाती की जाएगी।

बैठक में प्राथमिकता के आधार पर कुछ प्रमुख फैसले लिए गए, जिसमें संरक्षित क्षेत्रों में कार्यरत अधिकारियों के लिए विशेष प्रोत्साहन शामिल रहा। यह सुनिश्चित किया गया कि वन्यजीव अपराधों की प्रभावी जांच के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं बनाई जाएं।

बैठक में वन मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक दीवान सिंह बिष्ट और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, जिन्होंने इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर विमर्श किया।

अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट यहाँ क्लिक करें.

Team Amrita Bazaar Patrika

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0