अवैध खनन के मामले में विधायक पांडे के गंभीर आरोप, जांच में शून्य गड़बड़ी

Aug 31, 2025 - 10:35
 145  501.8k
अवैध खनन के मामले में विधायक पांडे के गंभीर आरोप, जांच में शून्य गड़बड़ी
अवैध खनन के मामले में विधायक पांडे के गंभीर आरोप, जांच में शून्य गड़बड़ी

अवैध खनन के मामले में विधायक पांडे के गंभीर आरोप, जांच में शून्य गड़बड़ी

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika

कम शब्दों में कहें तो, यूएसनगर में अवैध खनन के आरोपों की जांच में विधायक अरविंद पांडे के सभी आरोप बेबुनियाद साबित हुए हैं।

हाल ही में उत्तराखंड के यूएसनगर जिले में अवैध खनन की जांच को लेकर भाजपा विधायक अरविंद पांडे ने गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि गदरपुर और बाजपुर क्षेत्रों में बौर और गडरी नदियों में 200 मीटर से 2 किलोमीटर चौड़ाई तक गहरे गड्ढे खोदकर अवैध खनन किया जा रहा है। इस आरोप के बाद से प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी।

जांच टीम ने की निरीक्षण, न कोई गड्ढा न अवैध गतिविधि

विधायक पांडे द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के लिए राजस्व, चकबंदी और खनन विभाग की एक संयुक्त टीम ने बाजपुर तहसील के ग्राम रत्नामढ्या और केलाखेड़ा क्षेत्र में सलाहगिन किया। इस जांच में टीम को 50 से 60 फीट गहरे गड्ढे या सक्रिय अवैध खनन की कोई गतिविधि नहीं मिली। बौर नदी का जल प्रवाह भी केवल 30-40 मीटर चौड़ाई में पाया गया।

सरकारी अधिकारियों की रिपोर्ट पर उठे सवाल

उधमसिंहनगर के खान अधिकारी मनीष कुमार ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जांच के दौरान विधायक पांडे के आरोपों में कोई सच्चाई नहीं पाई गई। इससे पहले देहरादून जिले के खनन अधिकारी नवीन सिंह ने भी अवैध खनन से जुड़े आरोपों का खंडन किया था।

अवैध खनन रोकने के लिए राज्य की खनन विभाग की टीम लगातार निरीक्षण कर रही है और अब तक 29 डंपर तथा जेसीबी को सीज कर लिया गया है। इसके अलावा करोड़ों का जुर्माना भी वसूला गया है।

विधायक की नाराजगी और प्रात्मिकियाँ

विधायक अरविंद पांडे ने आरोप लगाया था कि खनन माफिया बिना किसी भय के अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं, जबकि जो लोग इनकी शिकायत कर रहे हैं, उन पर ही करोड़ों का जुर्माना लगाया जा रहा है। बाद में उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों ने प्रदेश में कई चर्चाएं छेड़ दी।

भाजपा के भीतर इस तरह के विवाद अब सत्ता संघर्ष का रूप ले चुके हैं। कई पूर्व सीएम और विधायक भी अवैध खनन के मुद्दे पर अपनी सरकार को कठघरे में खड़ा कर चुके हैं। इससे साबित होता है कि पार्टी के अन्दर भी चर्चा और मतभेद बढ़ते जा रहे हैं।

आने वाले दिनों में संभावित राजनीतिक हलचल

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा नेताओं के खिलाफ इस प्रकार के खुलासे आने से राजनीतिक आपदा की चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं। आने वाले समय में इन मुद्दों के साथ कई अन्य नई घटनाओं के प्रकाश में आने की संभावना है।

अत: अवैध खनन की जांच और इसके बाद आई रिपोर्ट केवल एक जांच नहीं, बल्कि पार्टी के अंदर की गुटीय सघर्ष का भी प्रतीक हो सकती है। इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

अधिक जानकारी के लिए नियमित रूप से अपडेट्स के लिए हमारे पोर्टल Amrita Bazaar Patrika पर जाएं।

इस समाचार की लेखिका: स्नेहा मेहरा

संपादकीय टीम Amrita Bazaar Patrika

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0