उत्तराखंड: अलाव की गैस से मजदूर की मौत, दूसरा घायल

Jan 10, 2026 - 14:44
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उत्तराखंड: अलाव की गैस से मजदूर की मौत, दूसरा घायल
उत्तराखंड: अलाव की गैस से मजदूर की मौत, दूसरा घायल

उत्तराखंड में दुखद हादसा: अलाव की गैस से दम घुटने की घटना

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तरकाशी में एक मजदूर की अलाव की गैस से दम घुटने के चलते मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल हुआ है।

उत्तरकाशी जनपद के डुण्डा तहसील क्षेत्र के ग्राम चमकोट में यह दर्दनाक घटना 9 जनवरी 2026 को घटी। यहां ठंड से बचाव के लिए जलाए गए अलाव ने एक मजदूर की जान ले ली, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक छा गया है।

घटनाक्रम

जानकारी के अनुसार, दो मजदूर काम के सिलसिले में गांव चमकोट पहुंचे थे। ठंड से बचने के लिए उन्होंने अलाव जलाया। लेकिन, यह अलाव उनकी जान का दुश्मन बन गया। अलाव से निकली गैस के कारण दो मजदूरों की तबियत बिगड़ गई, जिसमें से एक मजदूर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। दूसरा मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया।

स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना देर रात के समय हुई जब दोनों मजदूर अलाव के पास सो रहे थे। अलाव के धुएं से सही तरीके से वेंटिलेशन न होने के कारण, उन्हें सांस लेने में कठिनाई हुई। इस स्थिति में, तुरंत चिकित्सा सहायता मिली, लेकिन तब तक एक मजदूर की मौत हो गई थी।

सामुदायिक प्रतिक्रिया

इस घटना ने गांव में दुख का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि सही सुरक्षा उपाय किए जाते, तो यह हादसा टाला जा सकता था। कई गांववालों ने इस बात की ओर ध्यान आकर्षित किया है कि ठंड के मौसम में ऐसे अव्यवस्थित तरीके से अलाव जलाना खतरनाक साबित हो सकता है।

विपत्ति में सुरक्षा का महत्व

इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि ठंड के महीनों में सुरक्षा और सावधानी बरतना कितना आवश्यक है। ठंड से बचने के लिए जलाए गए अलाव को सही तरीके से स्थापित किया जाना चाहिए, ताकि गैस का रिसाव और धुंआ दूर हो सके। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हादसे से बचने के लिए लोगों को अलाव जलाने के सही तरीकों और सावधानियों के प्रति जागरूक होना चाहिए।

आगे की कार्रवाई

स्थानीय प्रशासन ने घटना पर संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। साथ ही, वे ऐसे मामलों में जागरूकता फैलाने के लिए पंचायत के माध्यम से अभियान चलाने की योजना बना रहे हैं। गांव के लोगों से अपील की गई है कि वे ठंड के महीनों में ऐसे ही अव्यवस्थित तरीके से अलाव न जलाएं।

अंत में, यह घटना हम सभी को इस बात की याद दिलाती है कि सुरक्षा हमेशा प्राथमिकता होनी चाहिए, खासकर संकट की परिस्थितियों में।

फिलहाल, घायल मजदूर का उपचार जारी है, और उसकी स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

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सादर,
टीम अमrita बाजार पत्रिका
नेहा शर्मा

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