उत्तराखंड: ‘उम्मीद पोर्टल’ पर सभी वक़्फ़ संपत्तियों का होगा पंजीकरण

Sep 25, 2025 - 21:44
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उत्तराखंड: ‘उम्मीद पोर्टल’ पर सभी वक़्फ़ संपत्तियों का होगा पंजीकरण
उत्तराखंड: ‘उम्मीद पोर्टल’ पर सभी वक़्फ़ संपत्तियों का होगा पंजीकरण

उत्तराखंड: ‘उम्मीद पोर्टल’ पर सभी वक़्फ़ संपत्तियों का होगा पंजीकरण

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में 5388 वक़्फ़ संपत्तियों का रिकॉर्ड अब ‘उम्मीद पोर्टल’ पर दर्ज किया जाएगा। मुख्यमंत्री धामी ने अतिक्रमण और लंबित मामलों की जांच तेज करने के लिए निर्देश दिए हैं।

देहरादून: उत्तराखंड में पंजीकृत कुल 5388 वक़्फ़ संपत्तियों में से अतिक्रमण की स्थिति पर कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। यह विषय अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में सामने आया। इस बैठक की अध्यक्षता विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे वक़्फ़ संपत्तियों का ब्यौरा अपडेट करें और जल्द ही इसकी जानकारी प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि पारदर्शी रिकॉर्ड तैयार करने के लिए विभाग को नियमित प्रगति रिपोर्ट देने की आवश्यकता है, जिससे संपत्तियों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

वक़्फ़ संपत्तियों का पंजीकरण एवं प्रबंधन

बैठक में डॉ. धकाते ने समयबद्ध पंजीकरण और प्रबंधन के लिए सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी वक़्फ़ संपत्तियों का विवरण भारत सरकार के ‘उम्मीद पोर्टल’ पर दर्ज किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, न्यायालय में लंबित मामलों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने की दिशा में भी प्रयास किए जाने की बात कही गई। यह कदम अतिक्रमण की रोकथाम के लिए अत्यंत आवश्यक है।

राज्य में वक़्फ़ संपत्तियों का वितरण

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड में वक़्फ़ संपत्तियों का सबसे अधिक वितरण निम्नलिखित जिलों में है:

  • देहरादून - 1,930 संपत्तियाँ
  • हरिद्वार - 1,721 संपत्तियाँ
  • उधमसिंह नगर - 949 संपत्तियाँ
  • नैनीताल - 457 संपत्तियाँ

पर्वतीय जिलों में वक़्फ़ संपत्तियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। इन संपत्तियों में विभिन्न श्रेणियाँ शामिल हैं, जैसे:

  • 1,799 बिल्डिंग्स
  • 1,074 दुकानें
  • 712 मकान
  • 769 कब्रिस्तान
  • 725 मस्जिदें
  • 203 मदरसे/मकतब

राज्य सरकार की पहल

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि राज्य सरकार अब तक 9,000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर चुकी है। यह प्रदेश के विकास और संपत्ति के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस बैठक में वक़्फ़ बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सईद शिराज़ उस्मान, निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण राजेन्द्र कुमार, उप सचिव हिरा सिंह बसेड़ा सहित अन्य अधिकारियों की उपस्थिति रही।

इस संबंध में और जानकारी के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट अमृता बाजार पत्रिका पर विजिट करें।

संपर्क: टीम अमृता बाजार पत्रिका

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