उत्तराखंड की बेड़ू फल और बद्री गाय का घी अब अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त कर चुके हैं!

Nov 14, 2025 - 00:44
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उत्तराखंड की बेड़ू फल और बद्री गाय का घी अब अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त कर चुके हैं!
उत्तराखंड की बेड़ू फल और बद्री गाय का घी अब अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त कर चुके हैं!

उत्तराखंड की बेड़ू फल और बद्री गाय का घी अब अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त कर चुके हैं!

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड की दो अनमोल धरोहरों — बेड़ू फल और बद्री गाय का घी — को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भौगोलिक संकेतक (Geographical Indication – GI) टैग मिल गया है। यह समाचार टिहरी गढ़वाल से है और इसकी घोषणा 13 नवम्बर 2025 को की गई। इस उपलब्धि से प्रदेश की परंपरा, जैविक विविधता और सांस्कृतिक समृद्धि को न केवल नया गौरव मिला है, बल्कि यह स्थानीय किसानों के लिए एक लाभकारी अवसर भी है।

बेड़ू फल की पहचान और महत्व

बेड़ू फल, जिसे पहाड़ी अंजीर के नाम से भी जाना जाता है, अपने पोषक तत्वों और औषधीय गुणों के लिए प्रसिद्ध है। यह फल पहाड़ी बगियाओं और जंगलों में स्वाभाविक रूप से उगता है। GI टैग मिलने के बाद इस फल की विशिष्ट पहचान बनेगी, जिससे न केवल इसके उत्पादकों का मान बढ़ेगा, बल्कि इससे जुड़े महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से लाभ होगा।

बद्री गाय का घी: एक पारंपरिक उत्पाद

बद्री गाय का घी अपनी शुद्धता और औषधीय गुणों के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। यह घी उत्तराखंड की देसी बद्री नस्ल की गायों से प्राप्त होता है, जिनके दूध में A2 प्रोटीन पाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है। GI टैग मिलने से इस उत्पाद की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मांग बढ़ने की उम्मीद है, जिससे इसकी विश्वसनीयता भी अवश्य ही बढ़ेगी।

विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का कहना है कि यह उपलब्धि उत्तराखंड के जैविक उत्पादों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। इससे पहाड़ी किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी और राज्य की परंपरा, संस्कृति और प्राकृतिक संपदा को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान मिलेगी।

निष्कर्ष

अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने के इस महत्वपूर्ण क्षण से उत्तराखंड की अद्वितीय धरोहरों को न केवल बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह प्रदेश की कृषि, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह उपलब्धि निश्चित रूप से उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादक समुदाय के लिए एक नई दिशा का संकेत देती है।

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सादर,

टीम अमृता बाजार पत्रिका
स्नेहा मेहता

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