उत्तराखंड में पिटकुल की 103वीं बोर्ड बैठक और 21वीं एजीएम का आयोजन, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सम्पन्न
उत्तराखंड में पिटकुल की 103वीं बोर्ड बैठक और 21वीं एजीएम का आयोजन, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सम्पन्न
कम शब्दों में कहें तो, पिटकुल की निदेशक मंडल की 103वीं बैठक और 21वीं एजीएम उत्तराखंड सचिवालय में आयोजित की गई, जिसमें महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika
देहरादून। उत्तराखंड सचिवालय परिसर में मुख्य सचिव, उत्तराखंड शासन एवं पिटकुल के अध्यक्ष आनंद बर्द्धन जी की अध्यक्षता में पिटकुल की 103वीं निदेशक मंडल एवं 21वीं एजीएम की बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक में राज्य शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ पिटकुल के निदेशक मंडल के सदस्य भी शामिल हुए।
बैठक में मुख्य सचिव के साथ अपर सचिव (ऊर्जा) अहमद इकबाल, स्वतंत्र निदेशक एन. रविशंकर (सेवानिवृत्त आई.ए.एस.), पराग गुप्ता (सेवानिवृत्त आई.ए.एस.), अरविंद बड़थ्वाल, पिटकुल के प्रबंधन निदेशक पी.सी. ध्यानी, यू.जे.वी.एन. लि. के प्रबंधन निदेशक संदीप सिघल, निदेशक परिचालन जी.एस. बुदियाल एवं कंपनी सचिव अरुण सभरवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के प्रमुख प्रस्ताव
बैठक में निम्नलिखित प्रस्तावों पर चर्चा हुई:
- निदेशक मंडल के समक्ष दिनांक 31 मार्च, 2025 तक की कॉस्ट ऑडिट रिपोर्ट एवं ऑडिट एनुअल एकाउंट्स पर प्रस्तुति दी गई, जिसके बाद निदेशक मंडल द्वारा अनुमोदित किया गया।
- पिटकुल ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 82 करोड़ के शुद्ध लाभ में से 12.5 करोड़ का लाभांश सरकार को देने पर सहमति प्रदान की। यह पिटकुल के इतिहास में सर्वाधिक लाभांश है।
- पिटकुल के कर्मचारियों के उत्कृष्ट कार्यों के लिए 878 नियमित कर्मचारियों और पूर्णकालिक निदेशकों को प्रदर्शन के आधार पर प्रोत्साहन राशि देने पर सहमति दी गई, जो 20,457/- से लेकर 40,913/- तक होगी।
- 552 संविदा कर्मचारियों को भी 10,000/- की प्रोत्साहन राशि देने का प्रस्ताव पारित किया गया।
- राज्य सरकार के कार्मिकों के अंतिम वेतन में एक नोशनल वेतन वृद्धि जोड़कर पेंशन की गणना करने के संबंध में शासनादेश को पिटकुल में अंगीकार करने पर भी निदेशक मंडल द्वारा सहमति दी गई।
विशेष रूप से, यह बैठक उत्तराखंड में पिटकुल के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसकी ओर से कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया। इस अभूतपूर्व निर्णय से कर्मचारियों में कार्य की प्रगति की प्रेरणा बढ़ेगी।
इसके अलावा, पिटकुल के संबंध में दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में यह लाभांश में काफी वृद्धि दर्शाता है, जिससे यह साबित होता है कि पिटकुल के कार्य में स्थिरता और सामर्थ्य बढ़ी है। इस बैठक ने यह भी सिद्ध किया कि पिटकुल सिर्फ एक उत्साही ऊर्जा प्रदाता नहीं, बल्कि उत्तराखंड के विकास में भी एक प्रमुख भागीदार है।
अंत में, कहा जा सकता है कि पिटकुल की यह बैठक विभिन्न संदर्भों में एक ऐतिहासिक स्वर्णिम अध्याय जोड़ती है, जिसके माध्यम से न केवल कंपनी बल्कि राज्य की ऊर्जा नीति में भी अवश्य रूप से तरक्की होगी। आगे के कार्य के लिए सभी अधिकारियों को शुभकामनाएँ!
अधिक अपडेट के लिए यहां क्लिक करें
सादर,
टीम अमृता बाजार पत्रिका
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0