उत्तराखंड में सहकारिता विभाग और त्रिभुवन सहकारी विवि के बीच हुआ ऐतिहासिक करार
उत्तराखंड में सहकारिता विभाग और त्रिभुवन सहकारी विवि के बीच हुआ ऐतिहासिक करार
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में सहकारिता विभाग और त्रिभुवन सहकारी विवि के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है, जिसके तहत परियोजना प्रबंधन इकाई की स्थापना की जाएगी।
देहरादून। उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है, जहां त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय के सहयोग से ‘प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट’ (PMU) स्थापित की जाएगी। यह ऐतिहासिक पहल आज यमुना कॉलोनी स्थित शासकीय आवास पर डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस मौके पर सचिव सहकारिता डॉ. इकबाल अहमद तथा त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शाश्वत विश्वास ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट का उद्देश्य
इस समझौते के अनुसार, स्थापित होने वाली पीएमयू उत्तराखंड में सहकारिता क्षेत्र के नवाचार, अनुसंधान, क्षमता विकास एवं संस्थागत सुदृढ़ीकरण का प्रमुख केंद्र बनेगी। यह यूनिट सहकारिता क्षेत्र में नई संभावनाओं की पहचान, वैज्ञानिक अध्ययन, नीति निर्माण में सहयोग तथा सहकारी संस्थाओं के आधुनिकीकरण पर काम करेगी।
सहकारी संस्थाओं के लिए प्रमुख योजनाएं
पीएमयू के माध्यम से प्रदेश की प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS), जिला सहकारी बैंकों, बहुउद्देशीय सहकारी समितियों और अन्य सहकारी संस्थाओं के लिए प्रशिक्षण, क्षमता विकास, व्यवसायिक मॉडल निर्माण, विपणन सहायता और प्रबंधन सुधार के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
गंभीर अध्ययन और विकास की रणनीतियां
यह परियोजना भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के मार्गदर्शन में संचालित होगी। त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ, वैज्ञानिक एवं विषय विशेषज्ञ उत्तराखंड में सहकारिता के संसाधनों, संभावनाओं और चुनौतियों का गहन अध्ययन करेंगे और विकासोन्मुख कार्ययोजनाएं तैयार करेंगे। इससे प्रदेश में सहकारिता आधारित रोजगार, स्वरोजगार, विपणन & आर्थिक सशक्तीकरण को नई गति मिलेगी।
सरकार की दृष्टि
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इस दिशा में कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में सहकारिता आंदोलन को नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का ये पहल हमारे लिए गर्व का विषय है। उन्होंने आशा जताई कि यह पीएमयू सहकारिता के क्षेत्र में नवाचार और ज्ञान आधारित विकास का केंद्र बनेगी, जिससे प्रदेश की सहकारी संस्थाओं को आधुनिक, प्रतिस्पर्धी एवं आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों की राय
त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शाश्वत विश्वास ने इस समझौते को सहकारिता क्षेत्र में ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। पीएमयू के माध्यम से राज्य में सहकारिता क्षेत्र की संभावनाओं का गहन अध्ययन किया जाएगा और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को लागू करने का प्रयास किया जाएगा।
उपस्थिति और सहयोग
इस अवसर पर सहकारिता विभाग के उप सचिव सुरेंद्र दत्त बेलवाल, अपर निबंधक सहकारिता ईरा उप्रेती, उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन के प्रबंध निदेशक एम.पी. त्रिपाठी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
यह अर्थपूर्ण पहल उत्तराखंड के सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाने और विकास की नई संभावनाओं को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली है।
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Team Amrita Bazaar Patrika
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