उत्तराखंड में 23 जनवरी को बारिश और बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट, सतर्कता आवश्यक

Jan 22, 2026 - 00:44
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उत्तराखंड में 23 जनवरी को बारिश और बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट, सतर्कता आवश्यक
उत्तराखंड में 23 जनवरी को बारिश और बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट, सतर्कता आवश्यक

23 जनवरी को बारिश एवं बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में 23 जनवरी को भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना है, जिसके चलते मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

देहरादून। मौसम विभाग ने उत्तराखंड में 23 जनवरी को बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की है। इस अलर्ट के तहत मुख्य रूप से उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जनपदों में भारी बर्फबारी का सामना करने की संभावना है। जबकि देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, अल्मोड़ा और नैनीताल जनपदों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस चेतावनी को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने आवश्यक उपायों की तैयारी शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश, बैठक आयोजित

मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, विनोद कुमार सुमन ने सभी संबंधित जिला अधिकारियों और विभागों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में संभावित स्थितियों जैसे बारिश, बर्फबारी, पाला, शीतलहर आदि की तैयारी की विस्तृत समीक्षा की गई।

सतर्कता और तैयारियों पर विशेष ध्यान

सचिव सुमन ने सभी जनपदों को निर्देशित किया है कि मौसम खराब होने की संभावना के मद्देनजर सभी कार्यकारी एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा जाए। पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, विद्युत, पेयजल, पशुपालन एवं नगर निकाय विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा के लिए विशेष उपायों की आवश्यकता है, विशेषकर दूरस्थ और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में।

सड़कें और आपात सेवाएं

बर्फबारी के कारण मार्ग अवरुद्ध होने की संभावना को देखते हुए सचिव ने निर्देश दिया है कि संवेदनशील और उच्च हिमालयी मार्गों पर जेसीबी, स्नो कटर तथा अन्य आवश्यक मशीनरी की अग्रिम तैनाती की जाए। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में मार्गों को शीघ्र खोलने के लिए प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

सड़क पर फिसलन और दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने के लिए पाला प्रभावित क्षेत्रों में नमक और चूने का छिड़काव करने का निर्देश दिया गया है। सभी जनपदों को संवेदनशील सड़कें, पुल और पैदल मार्ग पहचान कर वहां अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है।

ठंड से बचाव के लिए तैयारियां

ठंड से सुरक्षा के लिए सचिव ने सार्वजनिक स्थलों और जरूरतमंद क्षेत्रों में अलाव की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। जहां लोग बर्फबारी के कारण असुरक्षित हो सकते हैं, वहां रेनबसेरों में बिजली, पेयजल, पर्याप्त बिस्तर, हीटर तथा गर्म करने के साधनों की उपलब्धता अनिवार्य है।

पशुधन की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है। सचिव ने निर्देश दिए हैं कि आवश्यक इंतजाम किए जाएं ताकि पशुओं के लिए सुरक्षित आश्रय और चारे की पर्याप्त व्यवस्था हो। इससे ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में पशुपालकों को किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हो।

आपातकालीन व्यवस्थाएं और मदद

जरूरतमंदों और असहाय लोगों के लिए कंबल का वितरण समय पर करने की आवश्यकता है। इसके साथ ही, किसी भी आपात स्थिति की सूचना राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को देना जरूरी है। जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष को 24×7 सक्रिय रखा जाए।

इस अवसर पर संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी और यूएसडीएमए के विशेषज्ञ भी मौजूद थे।

इस जानकारी के चलते, हम सभी जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की तैयारियों को उचित मानते हैं। इसके अलावा, सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे मौसम की चेतावनियों को गंभीरता से लें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

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Team Amrita Bazaar Patrika

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