उत्तराखंड सरकार ने चिकित्सा शिक्षा को नया आयाम दिया, 1325 एमबीबीएस सीटों के साथ हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज की योजना

Nov 13, 2025 - 21:44
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उत्तराखंड सरकार ने चिकित्सा शिक्षा को नया आयाम दिया, 1325 एमबीबीएस सीटों के साथ हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज की योजना
उत्तराखंड सरकार ने चिकित्सा शिक्षा को नया आयाम दिया, 1325 एमबीबीएस सीटों के साथ हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज की योजना

उत्तराखंड सरकार ने चिकित्सा शिक्षा को नया आयाम दिया

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड राज्य ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उन्नति की है, जहाँ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना है। इससे 1325 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध होंगी, जो युवाओं के लिए अवसर पैदा करेंगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तराखंड अब मेडिकल एजूकेशन हब के तौर पर उभर रहा है। मुख्यमंत्री धामी के दूरदर्शी नेतृत्व के तहत प्रदेश में हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि जल्द ही रुद्रपुर और पिथौरागढ़ में भी मेडिकल कॉलेज की शुरुआत हो जाएगी। उनकी प्राथमिकता स्वास्थ्य सेवाओं के साथ मेडिकल एजूकेशन को और अधिक मजबूत करना है।

चिकित्सा शिक्षा में ऐतिहासिक बदलाव

वर्ष 2000 में जब उत्तराखंड राज्य बना, तो यह चिकित्सा शिक्षा के मामले में बेहद पिछड़ा हुआ था। तब यहाँ कोई सरकारी मेडिकल कॉलेज नहीं था और इच्छुक छात्रों को पड़ोसी राज्यों की ओर जाना पड़ता था। लेकिन आज, पच्चीस वर्षों के भीतर, उत्तराखंड ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में कई उपलब्धियों को हासिल किया है, जो पूरे देश के लिए एक उदाहरण बन चुकी हैं।

पांच सरकारी और चार निजी मेडिकल कॉलेज

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार के अनुसार, वर्तमान में उत्तराखंड में पांच सरकारी और चार निजी मेडिकल कॉलेज हैं। ये कॉलेज श्रीनगर (गढ़वाल), हल्द्वानी, देहरादून, अल्मोड़ा और हरिद्वार में स्थित हैं। यहाँ हर साल 625 एमबीबीएस छात्रों को प्रवेश दिया जाता है और 238 से अधिक पीजी (पोस्टग्रेजुएट) सीटें उपलब्ध हैं। राज्य गठन के समय जब यह संख्या शून्य थी, तब यह वृद्धि वास्तविकता में ऐतिहासिक है।

राज्य में एमबीबीएस की 1325 सीटें

वीर चंद्र सिंह गढ़वाली राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान, श्रीनगर में 150 एमबीबीएस और 51 पीजी सीटें हैं। हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में 125 एमबीबीएस और 69 पीजी सीटें हैं, जबकि दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून में 150 एमबीबीएस और 70 पीजी सीटें हैं। अल्मोड़ा और हरिद्वार के नए कॉलेजों में 100-100 एमबीबीएस सीटें शुरू की गई हैं। यह सब मुख्यमंत्री धामी की उस नीति का परिणाम है जिसके तहत उनका लक्ष्य हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करना है।

सरकारी कॉलेजों के साथ निजी क्षेत्र का भी विस्तार

देहरादून स्थित हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज और श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज में प्रत्येक में 250 एमबीबीएस सीटें हैं। हाल ही में स्थापित ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में 150 सीटें और गौतम बुद्ध मेडिकल कॉलेज में भी 150 सीटें हैं। इस प्रकार, सरकारी और निजी कॉलेजों को मिलाकर राज्य में करीब 1325 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध हैं, जो पिछले कुछ वर्षों में 130 प्रतिशत की वृद्धि दिखाती हैं।

मानव संसाधन को भी किया गया सशक्त

सरकार ने केवल इमारतें ही नहीं बनाई, बल्कि मानव संसाधन को भी मज़बूत किया है। मार्च 2025 में मुख्यमंत्री धामी ने 1,232 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। पिछले तीन वर्षों में स्वास्थ्य विभाग ने 173 सहायक प्रोफेसर, 56 वरिष्ठ फैकल्टी सदस्य और 185 तकनीकी कर्मचारी भी नियुक्त किए हैं, जिससे 22,000 से अधिक नई सरकारी नौकरियाँ सृजित हुई हैं।

नर्सिंग और पैरामेडिकल एजूकेशन में भी वृद्धि

प्रदेश में अब 12 सरकारी और 80 से अधिक निजी नर्सिंग संस्थान हैं, जिनमें कुल 4,700 बी.एससी. नर्सिंग सीटें, 463 एम.एससी. नर्सिंग सीटें और 4,000 से अधिक सहयोगी स्वास्थ्य पाठ्यक्रमों की सीटें उपलब्ध हैं। पैरामेडिकल क्षेत्र में भी निजी संस्थानों के माध्यम से 12,000 से अधिक सीटें मौजूद हैं, जिससे हजारों युवाओं को रोजगारोन्मुख शिक्षा का लाभ मिल रहा है।

दुर्गम इलाकों तक पहुँचाई गई स्वास्थ्य सेवाएँ

मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य ने हेली-एंबुलेंस सेवा जैसी पहलें शुरू की हैं, ताकि दुर्गम इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँच सकें। इसके साथ ही, पिथौरागढ़ और रुद्रपुर में नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे “हर जिले में मेडिकल कॉलेज” का सपना साकार होता दिख रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान

उत्तराखंड को चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बनाने के लिए राज्य सरकार ने कई ठोस कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा है, “हमारी प्राथमिकता है कि हर जिले में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि युवाओं को बाहर न जाना पड़े और प्रदेश आत्मनिर्भर बने। हम नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थानों के विस्तार पर ध्यान दे रहे हैं। हमारा उद्देश्य है कि उत्तराखंड न केवल डॉक्टर तैयार करे, बल्कि पूरे उत्तर भारत को उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करने वाला प्रमुख राज्य बने।”

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Team Amrita Bazaar Patrika

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