उत्तराखण्ड की प्राथमिकताएं केंद्रीय बजट 2026-27 प्री-बजट परामर्श बैठक में मजबूती से रखीं गईं

Jan 11, 2026 - 14:44
 111  501.8k
उत्तराखण्ड की प्राथमिकताएं केंद्रीय बजट 2026-27 प्री-बजट परामर्श बैठक में मजबूती से रखीं गईं
उत्तराखण्ड की प्राथमिकताएं केंद्रीय बजट 2026-27 प्री-बजट परामर्श बैठक में मजबूती से रखीं गईं

उत्तराखण्ड की प्राथमिकताएं केंद्रीय बजट 2026-27 प्री-बजट परामर्श बैठक में मजबूती से रखीं गईं

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika

कम शब्दों में कहें तो केंद्रीय बजट 2026–27 के प्रारूप के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन की अध्यक्षता में आयोजित प्री-बजट परामर्श बैठक में उत्तराखण्ड ने अपनी विकास संबंधी प्राथमिकताएं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कीं।

केंद्रीय बजट 2026–27 के निर्माण की प्रक्रिया के अंतर्गत, केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन की अध्यक्षता में यह महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्रियों ने अपने-अपने विकास संबंधी सुझाव और प्राथमिकताएं केंद्र सरकार के समक्ष रखी। उत्तराखण्ड की ओर से राज्य की विशेष भौगोलिक परिस्थितियों, पारिस्थितिक संवेदनशीलता, एवं राज्य द्वारा राष्ट्र को प्रदान की जा रही महत्वपूर्ण इको-सिस्टम सेवाओं के संदर्भ में विस्तृत मेमोरेंडम प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए वन मंत्री सुबोध उनियाल को इस बैठक में नामित किया, जिन्होंने अपने विचारों से उत्तराखण्ड का पक्ष मजबूती से रखा।

बैठक के प्रमुख मुद्दे

बैठक में पर्वतीय एवं सीमांत क्षेत्रों के संतुलित विकास, रिवर्स पलायन को प्रोत्साहन, आधारभूत अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण, एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से रखा गया। इसके अलावा, राज्य की विकास आवश्यकताओं के अनुरूप नई पहलों एवं मौजूदा योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।

इस दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा अपनाई गई आर्थिक नीतियों के सकारात्मक परिणामों की भी चर्चा हुई। इन नीतियों के कारण, राज्यों को केंद्रीय करों में उनका हिस्सा अधिक समय पर एवं मात्रा में प्राप्त हो रहा है, जिससे उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्यों को विकास कार्यों में गति मिली है।

उत्तराखण्ड के लिए “स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट” के अंतर्गत मिली सहायता को अत्यंत उपयोगी बताया गया। इसका प्रभाव राज्य में पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि लाया है, जिससे विकास परियोजनाओं को मजबूती मिल रही है।

राज्य सरकार की प्राथमिकताएँ

राज्य सरकार ने सुशासन, जनकल्याण, एवं सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन को प्राथमिकता देने का भी उल्लेख किया। विशेष रूप से, सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) में उत्तराखण्ड का देश में प्रथम स्थान प्राप्त करना, प्रदेश के निरंतर प्रयासों का परिणाम माना गया है। सरकार पर्यावरण संरक्षण, मानव संसाधन विकास एवं आधारभूत ढांचे के विकास एवं अनुरक्षण के लिए लगातार सक्रिय है।

कुछ एक विशेषताएँ हैं जो उत्तराखण्ड को अन्य राज्यों से भिन्न बनाती हैं। हिमालयी राज्य होने के नाते राज्य की विकास संबंधी चुनौतियां भी अलग हैं। विषम भौगोलिक परिस्थितियां, बिखरी हुई बसावट और पारिस्थितिक संवेदनशीलता के कारण विकास की लागत अधिक होती है। इसे ध्यान में रखते हुए, केंद्र-राज्य समन्वय को अधिक सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया।

प्रमुख सुझाव और मांगें

प्री-बजट कंसलटेशन में उत्तराखण्ड द्वारा प्रस्तुत प्रमुख मांगें व सुझाव:

  • “स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट” को निरंतर जारी रखने का अनुरोध।
  • फ्लोटिंग पॉपुलेशन के दृष्टिगत सतत पर्यटन (Sustainable Tourism) हेतु नई केंद्र पोषित योजना।
  • भू-जल स्तर में गिरावट को रोकने हेतु विशेष अनुदान।
  • मनुष्य-वन्यजीव संघर्ष के तहत प्रभावी कृषि सुरक्षा हेतु नए उपाय।
  • डिजिटल संप्रभुता के लिए केंद्र पोषित योजना।
  • रेलवे नेटवर्क की तार्किक पूर्णता हेतु सर्वेक्षण की आवश्यकता।
  • जल जीवन मिशन के अनुरक्षण हेतु केंद्र पोषित योजना।
  • दूरस्थ क्षेत्रों में जल विद्युत परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय प्रावधान।
  • आगामी कुंभ आयोजन हेतु विशेष वित्तीय प्रावधान की मांग।

मुख्यमंत्री का वक्तव्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मौके पर कहा कि उत्तराखण्ड देश का “वॉटर टावर” है और स्थानीय इको-सिस्टम सेवाओं का महत्वपूर्ण स्रोत है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा निरंतर मिलने वाले मार्गदर्शन और सहयोग का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आगामी केंद्रीय बजट 2026–27 उत्तराखण्ड की विकास यात्रा को और सशक्त बनाएगा और राज्य को क्लाइमेट रेजिलिएंट बनाने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाएं मजबूत करने में योगदान देगा।

आगे जानकारी के लिए, अमृता बाजार पत्रिका पर जाएं।

Team Amrita Bazaar Patrika
श्रुति शर्मा

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0