उत्तराखण्ड के मेडिकल कॉलेजों में नए प्राचार्यों की नियुक्ति, डॉ सयाना का देहरादून में आगमन
उत्तराखण्ड के मेडिकल कॉलेजों में नए प्राचार्यों की नियुक्ति, डॉ सयाना का देहरादून में आगमन
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखण्ड में चिकित्सा शिक्षा विभाग में महत्वपूर्ण बदलाव होते हुए डॉ आशुतोष सयाना को निदेशक चिकित्सा शिक्षा नियुक्त किया गया है, जिससे मेडिकल कॉलेजों का प्रबंधन और भी प्रभावी होगा।
देहरादून। उत्तराखण्ड सरकार ने चिकित्सा शिक्षा विभाग में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए छह वरिष्ठ चिकित्सकों और प्राचार्यों के स्थानांतरण एवं प्रभार परिवर्तन के आदेश जारी किए हैं। यह निर्णय चिकित्सा शिक्षा को बेहतर दिशा देने के उद्देश्य से लिया गया है।
नए नेतृत्व का महत्व
इस फेरबदल में हल्द्वानी, श्रीनगर, अल्मोड़ा, हरिद्वार और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेजों के नेतृत्व में बदलाव किया गया है। डॉ. आशुतोष सयाना जो पहले राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर के प्राचार्य थे, अब निदेशक, चिकित्सा शिक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे। इस नए नेतृत्व से उम्मीद की जा रही है कि चिकित्सा शिक्षा का स्तर और भी ऊँचा जाएगा।
अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों की नियुक्तियाँ
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने अन्य महत्वपूर्ण चिकित्सकों को भी उनकी नई भूमिकाओं में नियुक्त किया है:
- डॉ. अजय कुमार आर्य को निदेशक चिकित्सा शिक्षा के प्रभार से मुक्त कर राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी का प्राचार्य नियुक्त किया गया है।
- डॉ. चन्द्रप्रकाश भैंसौड़ा को राजकीय मेडिकल कॉलेज, अल्मोड़ा से स्थानांतरित कर राजकीय मेडिकल कॉलेज, रुद्रपुर का प्राचार्य बनाया गया है।
- डॉ. चन्द्र मोहन सिंह रावत को राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार से राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर का प्राचार्य नियुक्त किया गया है।
- इसके अलावा, डॉ. जी. एस. तितियाल को राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी से राजकीय मेडिकल कॉलेज, अल्मोड़ा का प्राचार्य बनाया गया है।
- डॉ. पंकज सिंह, जो हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे, उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार का प्रभारी प्राचार्य नियुक्त किया गया है।
शासन ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत अपने नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें और चिकित्सा शिक्षा में उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए कार्य करें।
स्वास्थ्य शिक्षा पर विस्तृत दृष्टिकोण
यह बदलाव न केवल चिकित्सक समुदाय के लिए बल्कि छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए भी महत्वपूर्ण है। शिक्षकों के प्रबंधन की जिम्मेदारी बनाए रखने के साथ-साथ, यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मेडिकल कॉलेजों में शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार हो। डॉ सयाना के नेतृत्व में, लोगों को यह उम्मीद है कि उत्तराखण्ड का चिकित्सा शिक्षा का क्षेत्र और भी उन्नति करेगा।
उत्तराखण्ड में चिकित्सा शिक्षा की परिकल्पना, छात्रों और समाज के समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक सही कदम है। इस नये प्रशासन के तहत छात्रों को बेहतर संसाधन, शिक्षण और प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा।
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संक्षेप में, डॉ सयाना का देहरादून में आगमन नए अध्याय का प्रतीक है, जहां उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा का स्तर लगातार बढ़ेगा।
सर्वोच्च स्तर के प्रशासनिक बदलावों का स्वास्थ्य क्षेत्र पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जो दीर्घकालिक रूप से राज्य के विकास में सहायक होगा।
टीम अम्रता बाजार पत्रिका
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