उत्तराखण्ड को ‘स्पिरिचुअल कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड’ बनाने के लिए सीएम धामी ने जारी की कार्ययोजना
सीएम धामी ने प्रधानमंत्री के सुझावों पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश, उत्तराखण्ड को ‘स्पिरिचुअल कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड’ बनाने की दिशा में होगा ठोस रोडमैप तैयार
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह में, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए सुझावों की प्रतिक्रिया में राज्य सरकार ने एक ठोस विकास रोडमैप तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संबंधित अधिकारियों को इन सुझावों के अनुरूप योजना बनाने के निर्देश दिए हैं।
प्रमुख दिशा-निर्देश और योजनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए विचार प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की आत्मा उसमें छिपे दौलत यानी अध्यात्म, पर्यटन एवं प्राकृतिक संपदा में निहित है। इसके मद्देनजर, उत्तराखण्ड को 'स्पिरिचुअल कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड' बना कर राज्य की पहचान को और मजबूत किया जा सकता है।
योग और वेलनेस के केंद्र स्थापित करने की योजना
मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि हर विधानसभा क्षेत्र में योग केंद्र, आयुर्वेद केंद्र, नैचुरोपैथी संस्थान और होम-स्टे के माध्यम से एक संपूर्ण पर्यटन एवं वेलनेस पैकेज तैयार किया जाए। इससे न केवल स्वास्थ्य में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
स्थानीय संस्कृति और खान-पान को प्रमोट करने का प्रयास
प्रत्येक वाइब्रेंट विलेज को छोटे पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया है, जहाँ स्थानीय भोजन, संस्कृति और हस्तशिल्प को बढ़ावा दिया जा सके। यह स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
सांस्कृतिक मेलों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की योजना
राज्य के स्थानीय मेलों और पर्वों को अन्तरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए “वन डिस्ट्रिक्ट वन फेस्टिवल” अभियान शुरू किया जाना प्रस्तावित है। इससे पर्यटन को भी मजबूती मिलेगी और लोग स्थानीय संस्कृति के प्रति जागरूक होंगे।
हॉर्टिकल्चर हब का विकास
पहाड़ी जिलों को हॉर्टिकल्चर हब के रूप में स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है। इसमें ब्लूबेरी, कीवी, हर्बल और औषधीय पौधों की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे कृषि उत्पादकता और रोजगार में वृद्धि होगी।
स्थानीय रोजगार के नए अवसर
फूड प्रोसेसिंग, हस्तशिल्प और ऑर्गेनिक उत्पादों से जुड़े एमएसएमई को मजबूत करने के लिए योजनाएँ बनाई जाएंगी। इससे स्थानीय रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और आर्थिक विकास को बल मिलेगा।
टूरिज्म की विभिन्न धाराओं का समेकन
तीर्थाटन, इको-टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म और बारहमासी पर्यटन के समेकित विकास को भी प्राथमिकता दी जा रही है। उत्तराखण्ड को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने के लिए 5-7 प्रमुख स्थलों को विकसित करने का प्रस्ताव है।
राज्य उत्पादों को वैश्विक बाजार में पहुंचाने की योजना
जीआई टैग प्राप्त उत्पादों और “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के तहत राज्य के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने की ठोस रणनीति बनाने की भी आवश्यकता है।
अवसरों का समन्वय और कार्ययोजना
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री का विज़न 2047 के 'विकसित भारत' के अनुरूप है और उत्तराखण्ड इस दिशा में अग्रणी राज्य बनने की क्षमता रखता है। सभी विभागों को आपसी समन्वय से विस्तृत रोडमैप और टाइमलाइन आधारित एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि इन सुझावों को धरातल पर लाया जा सके।
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— टीम अमृता बाजार पत्रिका, कविता शर्मा
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