उत्तराखण्ड में होम स्टे के लिए स्थानीय निवासी होना अनिवार्य: धामी कैबिनेट का नया निर्णय
उत्तराखण्ड में होम स्टे के लिए स्थानीय निवासी होना अनिवार्य: धामी कैबिनेट का नया निर्णय
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखण्ड में होम स्टे योजना का लाभ अब केवल स्थानीय निवासियों को ही मिलेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस निर्णय को मंजूरी दी गई है।
देहरादून: उत्तराखण्ड की धामी कैबिनेट ने हाल ही में उत्तराखंड के पर्यटन नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इस निर्णय के तहत होम स्टे योजना का लाभ अब केवल स्थानीय निवासियों को ही मिलेगा। इसके लिए स्थायी निवास का प्रमाण आवश्यक होगा। यह कदम राज्य की पर्यटन गतिविधियों को स्थानीय लोगों के लाभ के लिए केंद्रित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
कैबिनेट की बैठक के प्रमुख निर्णय
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 19 प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इनमें से कई फैसले गन्ना किसानों और उपनल कर्मियों के कल्याण से संबंधित थे। कैबिनेट द्वारा लिए गए अन्य मुख्य निर्णय इस प्रकार हैं:
- पेराई सत्र 2025-26 के लिए 270 करोड़ रुपये की शासकीय प्रतिभूति को मंजूरी दी गई, जिससे चीनी मिलें ऋण ले सकेंगी।
- चीनी मिलों के गन्ने के मूल्य को 405 रुपये प्रति क्विंटल करने की मंजूरी दी गई।
- निर्वाचन विभाग में सेवा नियमावली को मंजूरी मिली।
- उत्तराखंड संस्कृत अकादमी का नाम अब उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम होगा।
- यूकॉस्ट के तहत अल्मोड़ा और चंपावत के साइंस सेंटर के लिए छह-छह पदों को स्वीकृति दी गई।
- बागवानी मिशन के अंतर्गत एंटी हेलनेट पर भारत सरकार से 50% और राज्य से 25% अतिरिक्त सहायता प्राप्त होगी।
- दून विश्वविद्यालय में हिन्दू अध्ययन केंद्र के तहत 6 अतिरिक्त पदों को स्वीकृति मिली।
- 2024-25 की ऊर्जा विभाग की रिपोर्ट सदन में प्रस्तुत की जाएगी।
- सतेंद्र कुमार बनाम सीबीआई के तहत विशेष न्यायालयों की स्थापना की जाएगी।
- साल 2025 से शादी के पंजीकरण के लिए एक साल का समय निर्धारित किया गया है।
होम स्टे योजना का विशेष ध्यान
उत्तराखंड में पर्यटन के क्षेत्र में होम स्टे योजना को बढ़ावा देने के लिए इस निर्णय को बहुत आवश्यक माना जा रहा है। पहले क्षेत्र के बाहरी लोगों के लिए भी होम स्टे का लाभ उपलब्ध था, लेकिन अब यह केवल स्थानीय निवासियों तक सीमित है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय निवासियों को रोजगार देने में सहायता होगी।
इसके अतिरिक्त, बाहरी लोग केवल ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट जैसी सेवाएँ प्रदान कर सकेंगे, लेकिन होम स्टे के फायदों का लाभ नहीं उठा सकेंगे। यह निर्णय राज्य के नागरिकों के लिए अपनी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने का एक साधन भी बन सकता है।
कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव
कैबिनेट की बैठक में अन्य निर्णयों में खेल प्रतियोगिताओं के लिए ट्रॉफियों का पुरस्कार वितरण, खनन विभाग में संशोधन, और विभिन्न न्यायालयों के गठन के प्रस्ताव शामिल थे। ये सभी निर्णय राज्य के विकास और नागरिकों की भलाई के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
निष्कर्ष
उत्तराखण्ड की धामी सरकार ने होम स्टे नीति में बदलाव कर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसके पीछे स्थानीय निवासियों के हितों की रक्षा करना और उनकी कल्याणकारी योजनाओं को बढ़ाना है। यह कदम न केवल स्थानीय निवासियों को रोजगार देने में मदद करेगा, बल्कि पर्यटन क्षेत्र को भी एक नई दिशा में आगे बढ़ाने का कार्य करेगा।
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