उप निर्वाचन के पश्चात प्रधान के 7499 पदों में से 11 पद रिक्त, जानें पूरी जानकारी
उप निर्वाचन के पश्चात प्रधान के 7499 पदों में से 11 पद रिक्त
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन-2025 के परिणाम सामने आ चुके हैं, जिसमें प्रधान ग्राम पंचायत के 7499 पदों में से 11 पद अब भी रिक्त हैं।
देहरादून: 22 नवंबर, 2025 को आयोजित त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन की मतगणना के परिणामों के अनुसार, राज्य के समस्त जनपदों में जिला पंचायत के सभी 358 पदों पर सदस्य निर्वाचित किए जा चुके हैं। हालाँकि, एक विशेष जानकारी यह है कि प्रधान ग्राम पंचायत के 7499 पदों में से 11 अभी भी रिक्त हैं, जबकि क्षेत्र पंचायत के 2974 में से केवल एक पद पर चुनाव होना बाकी है।
उप निर्वाचन का पूरा विवरण
मतगणना के अनुसार, रूद्रप्रयाग जनपद में एक पद पर नीता देवी को निर्वाचित घोषित किया गया है। इसी प्रकार, जनपद अल्मोड़ा के तीन और चमोली के एक पद का निर्वाचन परिणाम भी घोषित हो चुका है। इस उप निर्वाचन में मिलाकर 14 प्रधान निर्वाचित हुए हैं।
मतदाता सहभागिता और कार्यवाही
भले ही 58105 मतदाताओं में से 30368 (52.26%) ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, लेकिन यह चिंताजनक है कि महिला मतदाताओं ने पुरुष मतदाताओं की तुलना में अधिक सक्रियता दिखाई। कुल 28283 महिला मतदाताओं में से 16134 (57.05%) ने मतदान किया।
राज्य निर्वाचन आयोग के सुशील कुमार ने बताया कि सभी मतदान केंद्र सुबह 08:00 बजे से शुरु हुए थे और मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से सम्पन्न हुई। इसके परिणामस्वरूप, राज्य में अब तक जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत के सभी सदस्य निर्वाचित हो चुके हैं, लेकिन प्रधान ग्राम पंचायत के 11 पद रिक्त रह गए हैं।
क्यों हैं रिक्त पद?
विशेषज्ञों का कहना है कि रिक्त पदों की स्थिति कई कारणों पर निर्भर कर सकती है, जिसमें चुनाव में भागीदारी की कमी, प्रत्याशियों का अनुपस्थिति और कानूनी मुद्दे शामिल हो सकते हैं। इससे साबित होता है कि पंचायत चुनावों में स्थानीय स्तर पर राजनीतिक एवं सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता है।
राज्य निर्वाचन आयोग 11 नवम्बर, 2025 को निर्वाचन की अधिसूचना जारी कर चुका था, जिसमें बताया गया था कि उप निर्वाचन के संबंध में आदर्श आचार संहिता प्रभावी थी। निर्वाचन के पश्चात 22 नवंबर को यह संहिता निष्प्रभावी हो गई। इसके बावजूद, रिक्त पदों पर चुनाव के लिए अब भी एक मौके की आवश्यकता है, जिससे कि सभी पंचायतें पूर्ण रूप से कार्यरत हो सकें।
भावी संभावनाएँ
राज्य की राजनीतिक स्थिति और स्थानीय मुद्दों को ध्यान में रखते हुए, पंचायत चुनाव आने वाले समय में और भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। रिक्त पदों के लिए उप निर्वाचन भविष्य में आयोजित किए जा सकते हैं। इसके लिए, जिम्मेदार अधिकारियों को जागरूकता बढ़ाने और प्रक्रिया को तेज करने की आवश्यकता है।
राज्य में राजनीतिक स्थिरता को बनाए रखने के लिए यह आवश्यक होगा कि रिक्त पदों को समय पर भरा जाए ताकि विकास कार्य सुचारु रूप से चल सकें।
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इस प्रकार, राज्य के विभाग और चुनाव आयोग को इन लंबित रिक्तियों का उचित समाधान निकालने की प्रयास करनी चाहिए ताकि स्थानीय लोकतंत्र की नींव सशक्त हो सके।
सादर,
टीम अमृता बाजार पत्रिका
सुषमा देवी
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