ग्राम प्रधानों को समान नागरिक संहिता में शत प्रतिशत पंजीकरण के लिए सम्मानित किया गया
ग्राम प्रधानों को समान नागरिक संहिता में शत प्रतिशत पंजीकरण के लिए सम्मानित किया गया
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कम शब्दों में कहें तो, जनपद टिहरी में 270 ग्राम पंचायतों और 179 वार्डों में समान नागरिक संहिता के तहत विवाह पंजीकरण की शत प्रतिशत उपलब्धि का सम्मान किया गया।
टिहरी गढ़वाल। सोमवार को जिला सभागार, नई टिहरी में आयोजित जनता दरबार कार्यक्रम के दौरान, जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने ग्राम पंचायत पाथौ के प्रधान पियार सिंह पुंडीर एवं शिवपुरी के प्रधान प्रभु लाल को समान नागरिक संहिता में पहले शत प्रतिशत पंजीकरण कराने के लिए प्रशस्तिपत्र, स्मृति चिन्ह और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही, ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों पंकज उनियाल और विनित रावत को भी उनके योगदान के लिए सराहा गया।
महत्वपूर्ण उपलब्धि और प्रशासनिक प्रयास
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बताया कि समान नागरिक संहिता के अंतर्गत शत प्रतिशत पंजीकरण, जनजागरूकता, जनभागीदारी और प्रशासनिक प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने अन्य ग्राम पंचायतों और नगर निकायों को भी प्रेरित किया कि वे शत प्रतिशत विवाह पंजीकरण हेतु डोर टू डोर संपर्क करें, नगरपालिका के वाहनों के माध्यम से यू.सी.सी. का प्रचार करें और समय-समय पर शिविर आयोजित करें।
शत प्रतिशत पंजीकरण का क्षेत्रीय विस्तार
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता के तहत 270 ग्राम पंचायतों में शत प्रतिशत विवाह पंजीकरण की उपलब्धि हासिल की गई है। इसमें विकास खण्ड भिलंगना की 45, चंबा 34, देवप्रयाग 24, जाखणीधार 36, जौनपुर 35, कीर्तिनगर 35, नरेंद्रनगर 14, प्रतापनगर 14 तथा विकास खण्ड थौलधार की 33 ग्राम पंचायतें शामिल हैं।
नगर निकायों में भी बढ़ोतरी
इसके साथ ही, 179 वार्डों में भी शत प्रतिशत विवाह पंजीकरण हो चुका है, जिसमें 2 नगर निकाय जैसे नगर पालिका परिषद नरेंद्रनगर और नगर पंचायत लम्बगांव में पूर्णता हासिल की गई। नगर पंचायत गजा में 4 वार्ड के सापेक्ष 3, नगर पंचायत तपोवन में 4 वार्ड के सापेक्ष 2, नगर पालिका परिषद देवप्रयाग में 4 वार्ड के सापेक्ष 1 और नगर पंचायत कीर्तिनगर में 4 वार्ड के सापेक्ष 2 वार्ड में शत प्रतिशत विवाह पंजीकरण हो चुका है।
यू.सी.सी. कानून के प्रभाव
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता के लागू होने के बाद विवाह का पंजीकरण अनिवार्य हो गया है। इससे पहले, विवाह पंजीकरण अधिनियम-2010 के तहत काफी कम लोग अपनी शादियों का पंजीकरण कराते थे। लेकिन अब, सकारात्मक परिवर्तन के कारण विवाह पंजीकरण में जबरदस्त वृद्धि देखी जा रही है। सरल प्रक्रिया और ठोस कानून ने लोगों में विवाह पंजीकरण के प्रति उत्साह जगाया है।
इस सम्मान समारोह में सीडीओ वरुणा अग्रवाल, डीपीआरओ एम. एम. खान और अन्य जिला स्तरीय अधिकारी भी मौजूद थे। इस मजबूत प्रशासनिक प्रयास से यह स्पष्ट होता है कि जब जनभागीदारी और प्रशासन मिलकर काम करते हैं, तो उल्लेखनीय उपलब्धियाँ संभव होती हैं।
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सादर,
दीपिका शर्मा
टीम अमृत बाजार पत्रिका
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