घनसाली स्वास्थ्य संघर्ष: अनिश्चितकालीन धरना जारी, मशाल जुलूस से गूंजे नारें

Nov 4, 2025 - 00:44
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घनसाली स्वास्थ्य संघर्ष: अनिश्चितकालीन धरना जारी, मशाल जुलूस से गूंजे नारें
घनसाली स्वास्थ्य संघर्ष: अनिश्चितकालीन धरना जारी, मशाल जुलूस से गूंजे नारें

घनसाली स्वास्थ्य संघर्ष: अनिश्चितकालीन धरना जारी, मशाल जुलूस से गूंजे नारें

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कम शब्दों में कहें तो: घनसाली में स्वास्थ्य जन संघर्ष मोर्चा के तहत चल रहे अनिश्चितकालीन धरने में आंदोलनकारियों ने बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं की मांग की।

घनसाली से लोकेंद्र जोशी, टिहरी गढ़वाल, 3 नवम्बर 2025। घनसाली-नैलचामी घाटी में “घनसाली स्वास्थ्य जन संघर्ष मोर्चा” के बैनर तले 25 अक्टूबर से शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना आज भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी और बेलेश्वर को उप-जिला अस्पताल में उन्नत करने, अनुभवी चिकित्सकों की तैनाती, अल्ट्रासाउंड, रेडियोलॉजी तकनीशियन एवं ब्लड बैंक जैसी मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं की तत्काल व्यवस्था की मांग की है।

मशाल जुलूस और प्रदर्शन

आज आंदोलन के तहत कार्यकर्ताओं ने मशाल जुलूस निकालकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के सदस्य भी आंदोलनकारियों के समर्थन में शामिल हुए। उपस्थित वक्ताओं ने स्वास्थ्य सेवाओं को आम जनता के जीवन से जुड़े एक संवेदनशील मुद्दे के रूप में बताया और सरकार से इसे प्राथमिकता देने की अपील की।

आंदोलन की मांगें

मोर्चा के नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक प्रशासन ठोस कदम नहीं उठाता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से संबंधित विभागों के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए निश्चित समयरेखा तय करने की मांग की। इसके साथ ही, उन्होंने आपातकालीन 108 एंबुलेंस सेवा और “खुशियों की सवारी” जैसी सेवाओं को सुचारु रूप से संचालित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

आंदोलनकारियों ने दुर्घटनाओं और स्वास्थ्य अव्यवस्था से प्रभावित परिवारों को 20-20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और एक सरकारी नौकरी देने की मांग भी की है। उनके अनुसार, यह कदम जनता की भलाई के लिए बहुत आवश्यक है।

स्थानीय प्रशासन की चुप्पी

अब तक स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, जबकि धरना स्थल पर प्रशासनिक टीम की निगरानी बन रही है। आंदोलन के तेजी से बढ़ते स्वरूप को देखते हुए आने वाले दिनों में संवाद या समाधान की दिशा में पहल की संभावना जताई जा रही है।

संक्षेप में, घनसाली के स्वास्थ्य जन संघर्ष मोर्चा ने जटिल स्वास्थ्य समस्याओं को सुलझाने के लिए सामूहिक आवाज उठाने का अद्भुत उदाहरण पेश किया है। अब यह देखना बाकी है कि क्या प्रशासन उनकी मांगों को गंभीरता से ले पाएगा या नहीं।

इस तरह के आंदोलनों का महत्व यह है कि वे न केवल जनहित के मुद्दों को उजागर करते हैं, बल्कि समाज को जागरूक करने का कार्य भी करते हैं। इस यह आंदोलन एक मिसाल बन सकता है कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए लोगों को एकजुट होकर लड़ाई लड़नी होगी।

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टीम अमृता बाजार पत्रिका

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