छात्राओं के सुरक्षा और गरिमा का ख्याल रखना जरूरी: कुसुम कण्डवाल की चेतावनी

Dec 3, 2025 - 00:44
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छात्राओं के सुरक्षा और गरिमा का ख्याल रखना जरूरी: कुसुम कण्डवाल की चेतावनी
छात्राओं के सुरक्षा और गरिमा का ख्याल रखना जरूरी: कुसुम कण्डवाल की चेतावनी

छात्राओं के सुरक्षा और गरिमा का ख्याल रखना जरूरी: कुसुम कण्डवाल की चेतावनी

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड की महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने छात्राओं की गरिमा और सुरक्षा के मामले में सख्त संदेश दिया है। पिथौरागढ़ के बेरीनाग महाविद्यालय में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की घटना ने सभी को चिंतित कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

छात्राओं के साथ अक्षम्य घटना

हाल ही में वायरल हुए वीडियो में देखा गया कि बेरीनाग महाविद्यालय में एक प्राध्यापक ने छात्राओं के साथ अभद्रता की। इस घटना ने न केवल छात्राओं के परिवारों को बल्कि पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने स्वयं संज्ञान लिया और पिथौरागढ़ के डीएम को कठोरतम कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

कुसुम कण्डवाल का सख्त बयान

कुसुम कण्डवाल ने बयान दिया कि छात्राओं की गरिमा और सुरक्षा को लेकर आयोग किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। उनके अनुसार, यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि समाज को अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से लेना होगा।

जांच की प्रक्रिया और कार्रवाई

आयोग ने पिथौरागढ़ के डीएम को आदेश दिया है कि वे जांच प्रक्रिया की शुरुआत करें और आरोपी प्राध्यापक के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करें। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। अधिकारीयों को यह भी निर्देश दिया गया है कि छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।

सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता

इस तरह की घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाना बहुत आवश्यक है। कुसुम कण्डवाल का बयान उस समय महत्वपूर्ण है जब समाज में महिला सुरक्षा की बात की जा रही है। यह स्थिति हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हम अपने आसपास की सुरक्षा की जिम्मेदारी ले रहे हैं?

निष्कर्ष

छात्राओं की सुरक्षा और गरिमा को लेकर कुसुम कण्डवाल का संदेश स्पष्ट है। ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा सोचने की हिम्मत न करे। यह सिर्फ महिलाओं का मुद्दा नहीं है, बल्कि एक समस्त समाज की जिम्मेदारी है।

समाज में महिलाओं की गरिमा और उनके अधिकारों को संरक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। कुसुम कण्डवाल के समय रहते दिए गए निर्देश और सख्त कदम निश्चित रूप से एक बुनियादी बदलाव की ओर इशारा करते हैं।

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टीम अम्रीता बाजार पत्रिका, साक्षी शर्मा

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