जंगली जानवरों से कृषि फसलों की सुरक्षा हेतु बजट की मांग: कृषि मंत्री गणेश जोशी
जंगली जानवरों से कृषि फसलों की सुरक्षा हेतु बजट की मांग: कृषि मंत्री गणेश जोशी
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika
कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए बजट देने का आग्रह किया है।
केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित **प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना** (पीएमआरकेवीवाई) एवं कृषि उन्नति योजना की प्रगति समीक्षा बैठक में उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सहभागिता की। इस बैठक में उन्होंने फसलों को जंगली जानवरों के हमलों से बचाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव रखे।
गणेश जोशी ने बैठक में प्रस्तावito प्रस्तुत किया कि प्रदेश में फसलों को जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए आर.के.वी.वाई. के अंतर्गत आगामी पांच वर्षों तक सालाना 200 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराया जाए। इस पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घेरबाड़ के लिए 90 करोड़ रुपये की राशि पर सहमति जताते हुए आश्वासन दिया कि यह धनराशि शीघ्र ही संबंधित विभागीय योजना के तहत राज्य को प्रदान की जाएगी।
इसके साथ ही, कृषि मंत्री जोशी ने नमामि गंगे क्लीन अभियान परियोजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लिए 250 क्लस्टरों के लिए केंद्र सरकार से 85.48 करोड़ रुपये की धनराशि एवं प्रधानमंत्री-राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत वर्ष 2025-26 की दूसरी किस्त के रूप में 89.33 करोड़ रुपये जारी करने का भी अनुरोध किया।
बैठक में भारत सरकार के अधिकारियों द्वारा दिए गए प्रस्तुतीकरण में जानकारी दी गई कि उत्तराखंड में प्रधानमंत्री-राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत 83 प्रतिशत एवं कृषि उन्नति योजना की 62 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है। इस पर शिवराज सिंह चौहान ने संतोष व्यक्त करते हुए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने केंद्र एवं राज्य सरकार की कृषि योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से प्रदेश के सभी पात्र किसानों तक पहुँचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं के कार्यान्वयन में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सभी कार्य निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार शीघ्रता से पूर्ण करने चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने पीएम-आरकेवीवाई एवं कृषि उन्नति योजना के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए।
इस समीक्षा बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसान कल्याण के लिए उठाए गए कदम न केवल आवश्यक हैं बल्कि तत्काल प्रभाव से लागू किए जाने चाहिए। यह न केवल किसानों के अधिकारों की सुरक्षा करेगा, बल्कि कृषि क्षेत्र के विकास में भी सहायक होगा।
सम्पूर्ण कृषि समुदाय को इस दिशा में योगदान देने का अवसर दिया जाना चाहिए ताकि अच्छी नीतियों का निर्माण और उनका कार्यान्वयन सही तरीके से किया जा सके। पिछले कुछ वर्षों में जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों ने खेती को गंभीर खतरे में डाल दिया है, और इसके लिए ठोस उपायों की आवश्यकता है।
अंत में, यह आवश्यक है कि हम सभी मिलकर उत्तराखंड की कृषि सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में काम करें। इसके लिए सभी संबंधित पक्षों को आपसी सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता है।
अधिक समाचारों के लिए, विजिट करें www.amritabazaarpatrika.com
सादर,
टीम अमृता बाजार पत्रिका
राधिका शर्मा
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0