जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी का निलंबन: शासन की कार्रवाई से खड़ा हुआ सवाल

Oct 14, 2025 - 07:44
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जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी का निलंबन: शासन की कार्रवाई से खड़ा हुआ सवाल
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी का निलंबन: शासन की कार्रवाई से खड़ा हुआ सवाल

जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी का निलंबन: शासन की कार्रवाई से खड़ा हुआ सवाल

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कम शब्दों में कहें तो, जिला पंचायत पौड़ी के अपर मुख्य अधिकारी डॉ. सुनील कुमार को शासन द्वारा निलंबित कर दिया गया है। लापरवाही व बिना अनुमति अनुपस्थित रहने के कारण यह कार्रवाई की गई है।

देहरादून: उत्तराखंड शासन ने जिला पंचायत पौड़ी के अपर मुख्य अधिकारी डॉ. सुनील कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कदम उन शिकायतों के मद्देनजर उठाया गया है, जिनमें यह आरोप लगाया गया था कि डॉ. कुमार ने ऑफिस स्तर पर प्राप्त पत्रों एवं शिकायतों का समय पर निस्तारण नहीं किया और वे अक्सर बिना स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित रहते थे।

कारण और परिस्थितियाँ

शासन ने इन तथ्यों को गंभीर मानते हुए उनके खिलाफ उत्तराखंड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 2003 के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही का प्रस्ताव किया है। उल्लेखनीय है कि निलंबन अवधि में डॉ. सुनील कुमार पंचायतीराज निदेशालय, देहरादून में सम्बद्ध रहेंगे। उन्हें निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा, लेकिन उन्हें कार्यालय की उपस्थिति पंजिका में दैनिक हस्ताक्षर करना अनिवार्य होगा।

अन्य व्यावसायिक उपक्रमों की जानकारी

इसी बीच, जांच में उनके अन्य व्यावसायिक उपक्रमों के भी संकेत मिले हैं। इससे पूर्व भी पौड़ी जिला पंचायत में एक 75 लाख रुपये के सफाई घोटाले में संबंधित कार्मिकों को निलंबित किया जा चुका है। एक उपनल कर्मी ने अपनी पत्नी के नाम कंपनी खोलकर सरकारी भुगतान करवाने का मामला भी सामने आया है।

District Panchayat Officer Suspension

शासन का आदेश

शासन ने डॉ. सुनील कुमार के विरुद्ध जो कार्रवाई की है, वह कई कानूनी निर्देशों के आधार पर की गई है। तथ्यों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए उनके खिलाफ यह निर्णय लिया गया। निलंबन के दौरान नियमों के अनुसार, उन्हें अर्द्धवेतन पर जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा, लेकिन किसी अन्य व्यवसाय में संलग्न न होने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

दूरगामी प्रभाव

यह मामला हमें यह समझाने में मदद करता है कि सरकारी सेवा में लापरवाही की कोई जगह नहीं है। इस निलंबन के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या अन्य अधिकारियों में इस तरह की लापरवाही के खिलाफ किसी तरह की सख्त कार्रवाई होती है या नहीं। क्या यह निलंबन केवल एक उदाहरण है, या भविष्य में और भी कार्रवाई की परिकल्पना है, यह आने वाला समय ही बताएगा।

इस मामले से जुड़े और अधिक अपडेट्स के लिए कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएं

देखें, पौड़ी जिला पंचायत में सफाई घोटाला

संपर्क: टीम अमृता बाजार पत्रिका

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