टिहरी डायट को “मॉडल डायट” बनाने की दिशा में ठोस कदम, एनसीईआरटी निदेशक और डीएम ने किया स्थल निरीक्षण
टिहरी डायट को “मॉडल डायट” बनाने की दिशा में ठोस कदम
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टिहरी गढ़वाल, 21 अक्टूबर 2025। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के निदेशक प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी ने मंगलवार को जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खंडेलवाल के साथ मिलकर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) नई टिहरी का दौरा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य टिहरी डायट को एक “मॉडल डायट” के रूप में विकसित करने के लिए संभावनाओं का मूल्यांकन करना था। इस अवसर पर अपर निदेशक एनसीईआरटी पदमेंद्र सकलानी भी उपस्थित रहे।
संस्थान की अवसंरचना पर ध्यान
स्थल निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने संस्थान की अवसंरचनात्मक आवश्यकताओं का गहन अध्ययन किया। उन्होंने आधुनिक पुस्तकालय, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) प्रयोगशाला, और अत्याधुनिक छात्रावास के निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि का निरीक्षण किया। इसके लिए प्रताप इंटर कॉलेज की भूमि एवं हॉस्टल परिसर का मूल्यांकन किया गया। यह कदम टिहरी डायट को आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया जा रहा है।
समीक्षा बैठक का आयोजन
प्रो. सकलानी ने इस दौरान एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया, जिसमें संस्थान के शैक्षणिक और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक में प्राचार्य हेमलता भट्ट, दीपक रतूड़ी, राजेंद्र बडोनी, डॉ वीर सिंह रावत, नरेश कुमाई, देवेंद्र भंडारी और विनोद पेटवाल जैसे अधिकारी उपस्थित रहे। इस बैठक में निदेशक ने स्पष्ट किया कि टिहरी डायट को देश के उत्कृष्ट प्रशिक्षण संस्थानों की श्रेणी में शामिल करने के लिए सभी आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।
शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार
एनसीईआरटी के निदेशक ने कहा कि टिहरी डायट में सुधार की प्रक्रिया से न केवल शिक्षक प्रशिक्षण की गुणवत्ता में वृद्धि होगी, बल्कि इससे स्थानीय छात्रों को भी बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। उनका मानना है कि “मॉडल डायट” के रूप में विकसित होने से उत्तराखंड के अन्य शिक्षा संस्थानों के लिए यह एक प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा।
इस क्रम में, जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने कहा कि राज्य सरकार इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी। शिक्षा के क्षेत्र में होने वाले इस तरह के बदलाव निस्संदेह टिहरी गढ़वाल जिले के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कम शब्दों में कहें तो, एनसीईआरटी के निदेशक और जिलाधिकारी टिहरी के दौरे ने टिहरी डायट को “मॉडल डायट” बनाने के प्रयासों में तेजी लाई है। उम्मीद है कि इससे शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आएगा।
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सादर,
टीम अमृता बाजार पत्रिका - राधिका मल्होत्रा
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