दीवाली पर स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट: 24 घंटे रहेंगी सेवाएं सक्रिय
दीवाली पर स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट: 24 घंटे रहेंगी सेवाएं सक्रिय
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में दीवाली के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से हाई अलर्ट पर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के अनुसार, सभी स्वास्थ्य सेवाएं 24 घंटे सक्रिय रहेंगी। सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे 24×7 सतर्क रहें।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां
दीवाली का पर्व भारत में सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है, जब लोग एक-दूसरे को मिठाइयां बांटते हैं और पटाखे जलाते हैं। इस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं, जैसे ऑक्सीजन की कमी और शारीरिक चोटें। इसे ध्यान में रखते हुए, उत्तराखंड सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को पूरी तरह सक्रिय और सतर्क करने का फैसला किया है।
क्यों है चिंता का विषय
हर साल दीवाली पर पटाखों के उपयोग से ध्वनि प्रदूषण, वायु प्रदूषण और बाद में चिकित्सा स्थितियों में बढ़ोतरी होती है। इससे अस्थमा और अन्य श्वसन संबंधी रोग प्रभावित होते हैं। इसके अलावा, दीवाली के दौरान लोग पर्व मनाने के चलते अस्पतालों में भीड़ बढ़ा देते हैं। इसलिए, सरकार की यह पहल समय की आवश्यकता है।
स्वास्थ्य सेवाओं का मुख्य ध्यान
पुष्कर सिंह धामी के अनुसार, "हम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहते हैं। इसलिए, हमारे स्वास्थ्य अधिकारी और स्वास्थ्य कर्मचारियों को किसी भी आपात स्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।" सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने सभी सिविल हस्पतालों और क्लिनिक्स को निर्देशित किया है कि उन्हें किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए तुरंत तैयार रहना चाहिए।
अस्पतालों में बल बढ़ाना
सभी अस्पतालों के साथ-साथ क्षेत्रों में अतिरिक्त चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मचारी प्रतिनियुक्त किए जाएंगे। यदि कोई भी गंभीर स्थिति उत्पन्न होती है, तो 24 घंटे के भीतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इसके साथ ही, चिकित्सा आपात स्थिति में एंबुलेंस सेवाएं भी सक्रिय रहेंगी।
पॉलिसी में सावधानी
राज्य सरकार ने दीवाली में प्रदूषण को रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण उपाय भी किए हैं। इन उपायों में पटाखों के सेवन के नियमों को लागू करना, अस्पतालों में विशेष चिकित्सा टोलियां बनाना और अभिभावकों को बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना शामिल है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, उत्तराखंड सरकार की यह पहल त्योहार के मौसम में जन स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों से स्पष्ट है कि सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति कितना गंभीर है। अधिक अपडेट के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएं.
इस रिपोर्ट को लिखा है, सुमन कुमारी द्वारा
Team Amrita Bazaar Patrika
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