दून इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में “ANTARAGNI-2025” का भव्य उत्सव

Oct 17, 2025 - 00:44
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दून इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में “ANTARAGNI-2025” का भव्य उत्सव
दून इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में “ANTARAGNI-2025” का भव्य उत्सव

दून इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में “ANTARAGNI-2025” का भव्य उत्सव

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कम शब्दों में कहें तो, दून इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में “ANTARAGNI-2025” का शानदार आयोजन हुआ, जिसमें जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी श्री राजेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने दीप प्रज्वलित कर समारोह की शुरुआत की।

देहरादून/विकासनगर, 16 अक्टूबर। दून इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (DIMS) में वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव “ANTARAGNI-2025” का भव्य आयोजन उत्साह और उमंग के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी श्री राजेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने बतौर मुख्य अतिथि इस कार्यक्रम में शामिल होकर दीप प्रज्वलित किया।

उत्सव का महत्व और संदेश

मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों को आशीर्वचन देते हुए कहा कि “शिक्षा तभी सार्थक होती है जब उसमें संस्कार और सेवा की भावना भी समाहित हो।” उनका यह संदेश विद्यार्थियों के लिए संजीवनी के समान था, जिसमें उन्होंने शिक्षा के साथ-साथ समाज सेवा की आवश्यकता पर जोर दिया।

ANTARAGNI-2025

सांस्कृतिक कार्यक्रम की विशेषताएँ

कार्यक्रम का आरंभ सरस्वती वंदना से हुआ, और इसके बाद विद्यार्थियों ने देशभर की विविध सांस्कृतिक परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन किया। पारंपरिक नृत्यों, संगीत, नाट्य प्रस्तुतियों और लोककला के रंगारंग समायोजन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम में दर्शकों की भागीदारी और उत्सव का माहौल इतना जीवंत था कि पूरा परिसर युवा जोश और उत्साह से भरा हुआ था। स्थानीय नागरिकों, शिक्षकों, और विद्यार्थियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने इस उत्सव को और भी खास बना दिया।

DIMS का सामाजिक दायित्व

संस्थान के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री तुषित रावत ने कहा, “DIMS का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल उच्चस्तरीय चिकित्सा शिक्षा देना नहीं है, बल्कि समाज सेवा के लिए भी प्रेरित करना है। हम शीघ्र ही पाँच ग्रामीण क्षेत्रों को गोद लेकर वहाँ स्वास्थ्य सेवाओं के साथ जनजागरूकता अभियान चलाएंगे।”

संविधान की प्रमुखता

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जो एकात्मता और भारतीय संस्कृति की महानता का प्रतीक था। इस उत्सव के माध्यम से DIMS ने यह स्पष्ट कर दिया कि शिक्षा और संस्कार एक साथ चलने चाहिए, जिससे युवा पीढ़ी न केवल डॉक्टर बने, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक भी बने।

इसी तरह के अनेक सांस्कृतिक आयोजनों का हिस्सा बनकर DIMS अपने विद्यार्थियों को बेहतर दिशा देने की दिशा में अग्रसर है। अधिक अपडेट्स के लिए, यहाँ देखें: अमृता बाजार पत्रिका

यह अद्वितीय कार्यक्रम न केवल शिक्षा के प्रति प्रेम को दर्शाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि समाज की सेवा करना भी है।

टीम अमृता बाजार पत्रिका - नेहा शर्मा

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