दून विश्वविद्यालय ने आपदा राहत कोष में दिया एक दिन का वेतन

Sep 4, 2025 - 07:44
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दून विश्वविद्यालय ने आपदा राहत कोष में दिया एक दिन का वेतन
दून विश्वविद्यालय ने आपदा राहत कोष में दिया एक दिन का वेतन

दून विश्वविद्यालय ने आपदा राहत कोष में दिया एक दिन का वेतन

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कम शब्दों में कहें तो, दून विश्वविद्यालय ने अपने सभी शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों का एक दिन का वेतन आपदा राहत कोष में दिया। यह कदम न केवल जनहित के लिए है, बल्कि शिक्षा संस्थानों की सामाजिक जिम्मेदारी को भी दर्शाता है।

देहरादून। दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय के सभी शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारी एकजुट होकर मुख्यमंत्री राहत कोष में अपना एक दिन का वेतन दान कर रहे हैं, ताकि आपदा प्रभावित लोगों की सहायता की जा सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस सामूहिक सहयोग की सराहना की और कहा कि यह योगदान केवल प्रेरित करने वाला कदम नहीं है, बल्कि शैक्षणिक संस्थानों की सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का आदर्श उदाहरण भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रयास से अन्य शैक्षणिक, सामाजिक और निजी संस्थान भी आगे आएंगे और आपदा राहत कार्यों में सहयोग करेंगे।

राज्य सरकार की तात्कालिक प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत और पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने जनसहयोग के महत्व को उजागर करते हुए कहा कि जब लोग एकजुट होते हैं, तो राहत कार्य और प्रभावी बनते हैं।

इस अवसर पर, प्रो. सुरेखा डंगवाल ने बताया कि विश्वविद्यालय की प्रवृत्ति हमेशा समाज सेवा और जनहित में सक्रिय रही है। उन्होंने छात्रों और कर्मचारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि इस तरह के योगदान न केवल सामूहिक भावना को प्रदर्शित करते हैं, बल्कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी समझाते हैं।

आपदा राहत की जिम्मेदारी

आपदा राहत कार्य में योगदान देना केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि एक नैतिक जिम्मेदारी भी है। दून विश्वविद्यालय के इस कदम से यह स्पष्ट होता है कि शैक्षणिक संस्थान भी समाज के प्रति अपनी भूमिका को गंभीरता से लेते हैं। ऐसे उदाहरणों से यह भी पता चलता है कि संस्थानों को न केवल शिक्षा का प्रचार करना चाहिए, बल्कि समाज की सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों में भी भागीदारी निभानी चाहिए।

इस दान के माध्यम से, यह संदेश स्पष्ट होता है कि सामूहिक प्रयासों के जरिए हम किसी भी आपदा का सामना कर सकते हैं। राज्य सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे संस्थानों से अपील की है कि वे इसी प्रकार की पहल करें और आपदा का सामना करने में सहयोग दें।

हम सभी को एकजुट होकर आपदा प्रभावित लोगों की सहायता करनी चाहिए और इस दिशा में दून विश्वविद्यालय का यह योगदान प्रेरणा की एक मिसाल है।

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इस खबर की पूरी जानकारी मिलते रहिए हमारे साथ।

सादर,
टीम अमरिता बाजार पत्रिका
अनुजिता शर्मा

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