देहरादून में अंतरराष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महोत्सव 2025 का आगाज़
देहरादून में अंतरराष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महोत्सव 2025 का आगाज़
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika
कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में अंतरराष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महोत्सव का शुभारंभ हुआ, जो तीन दिन तक चलेगा। इस महोत्सव में छात्रों को विभिन्न प्रतियोगिताओं में सम्मानित किया गया है।
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अंतरराष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महोत्सव 2025 का रंगारंग शुभारंभ हुआ है। यह महोत्सव यूकास्ट झाझरा में आयोजित किया जा रहा है, जहाँ प्रदेश के वन, तकनीकी शिक्षा एवं संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने उद्घाटन किया।
हमारा विज्ञान और प्रौद्योगिकी का योगदान
इस अवसर पर मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विकास में हमारे देश का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है। आज हम स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में विश्व स्तर पर अग्रणी स्थान रख रहे हैं। उन्होंने ज्ञान के महत्व पर भी जोर दिया और बताया कि ज्ञान हमेशा से बंटने से बढ़ता है।
वैज्ञानिक संस्थाओं का सम्मान
महोत्सव में प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली वैज्ञानिक संस्थाओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित व्यक्तियों में डॉक्टर हरिंदर सिंह बिष्ट (इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ पेट्रोलियम), नीराज कुमार शर्मा (ओएनजीसी लिमिटेड), डॉक्टर संदीप सिंघल (उत्तराखंड जल विद्युत निगम), और कई अन्य प्रमुख वैज्ञानिकों के नाम शामिल हैं। सभी को स्मृति चिन्ह और पुरस्कार प्रदान किए गए।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं चेतना विकसित करना
डॉक्टर अनिल प्रकाश जोशी ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का विकास बेहद आवश्यक है। अमेरिका का जीडीपी 1800 से पहले 5% था, लेकिन वैज्ञानिक क्रांति के बाद इसका योगदान बहुत बढ़ा है। ऐसे आयोजनों से समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होता है।
प्रतियोगिताएँ और कार्यशालाएँ
महोत्सव के पहले दिन साइंस पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें 39 छात्रों को पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके अलावा, एयर मॉडलिंग और रोबोटिक्स की कार्यशालाओं में बच्चों ने हिस्से लिया, जहाँ उन्होंने हवाई जहाज बनाने और छोटे रोबोटिक मॉडल बनाने की ट्रेनिंग ली।
इस अवसर पर 200 से अधिक बच्चों ने छोटे लकड़ी के हवाई जहाज बनाए और उड़ाए। छात्रों ने टेलीस्कोप से सूर्य को भी नजदीक से देखा। अभी महोत्सव के शेष दो दिनों में यह कार्यक्रम सभी के लिए खुला रहेगा और सभी लोग आंचलिक विज्ञान केंद्र का भी मुफ्त में भ्रमण कर सकेंगे।
अंत में
इस महोत्सव ने विज्ञान प्रेमियों और छात्र-छात्राओं के लिए एक अनूठा अनुभव प्रदान किया है। देहरादून अंतरराष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महोत्सव के माध्यम से युवा वैज्ञानिक दृष्टिकोण को अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
अधिक जानकारी के लिए, यहाँ अमृता बाजार पत्रिका पर जाएं।
सामग्री द्वारा हस्ताक्षरित: आर्यन जॉली, टीम अमृता बाजार पत्रिका
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0