पोखरी महाविद्यालय में वीर बाल दिवस: श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया
वीर बाल दिवस का उत्सव: पोखरी महाविद्यालय में श्रद्धा व उत्साह से मनाया गया
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कम शब्दों में कहें तो, टिहरी गढ़वाल के शहीद बेलमती चौहान राजकीय महाविद्यालय, पोखरी (क्वीली) में सांस्कृतिक विभाग द्वारा वीर बाल दिवस को श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर महाविद्यालय में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें छात्रों ने सक्रियता से भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत
इस आयोजन का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. शशिबाला वर्मा एवं प्राध्यापकों द्वारा दीप प्रज्वलन करके किया गया। इस दौरान उन्होंने सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी तथा उनके साहिबजादों, बाबा जोरावर सिंह एवं बाबा फतेह सिंह को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। यह समारोह उन महान व्यक्तियों की शहादत और बलिदान को याद करने के लिए आयोजित किया गया था, जिन्होंने अपनी मातृभूमि के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।
वक्ताओं द्वारा प्रेरणादायक विचार
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने साहिबजादों के अदम्य साहस, त्याग, बलिदान और देशभक्ति पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्र-छात्राओं को उनके प्रेरक जीवन की कहानियों से परिचित कराया। इस प्रकार छात्र-छात्राओं को साहिबजादों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रतिभागियों की संलग्नता
इस अवसर पर छात्राओं ने भाषण, स्लोगन लेखन और एलोकेशन जैसी गतिविधियों में सक्रियता से भाग लिया। छात्रा भारती ने वीर बाल दिवस का इतिहास प्रस्तुत किया, जबकि सोनम ने इस दिन के उद्देश्य को स्पष्ट किया। कुमारी खुशबू ने वीर बाल दिवस की कहानी को विस्तृत रूप से सुनाया।
प्राचार्य का संदेश
प्राचार्य डॉ. शशिबाला वर्मा ने इस अवसर पर साहिबजादों के शौर्य को नमन करते हुए छात्र-छात्राओं से उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों को पुरस्कृत करते हुए उन्हें प्रेरित किया कि वे ऐसे कार्यक्रमों में अपनी सक्रिय भागीदारी रखें।
राज्य भर में जागरूकता
इस कार्यक्रम में डॉ. नीमा भेतवाल, डॉ. मुकेश सेमवाल और श्री अजय तिवारी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। छात्रों ने एक जागरूकता रैली का आयोजन भी किया, जिससे पर्यटन और शैक्षणिक संस्थानों में वीर बाल दिवस की महत्वपूर्णता को उजागर किया गया।
यह कार्यक्रम न केवल वीर बाल दिवस के महत्व को दर्शाता है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि नई पीढ़ी साहिबजादों के साहस और बलिदान के प्रति जागरूक रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. वंदना सेमवाल ने कुशलता से किया।
इस प्रकार, पोखरी महाविद्यालय में यह आयोजन न केवल एक सांस्कृतिक उत्सव था, बल्कि यह युवाओं को इतिहास से जोड़ने और उनके मन में देशभक्ति का भाव जगाने का एक उत्कृष्ट मंच भी था।
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सादर,
टीम अमृता बाजार पत्रिका
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