बड़कोट में एनडीआरएफ ने स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम का आयोजन, 160 प्रतिभागियों ने लिया सक्रिय भाग
बड़कोट में एनडीआरएफ ने स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम का आयोजन, 160 प्रतिभागियों ने लिया सक्रिय भाग
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कम शब्दों में कहें तो, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने बड़कोट में स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम आयोजित करके 160 छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक किया।
टिहरी गढ़वाल, 29 अगस्त 2025। आज राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम ने राजकीय इंटर कॉलेज, बड़कोट में एक महत्वपूर्ण स्कूल सेफ्टी कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में लगभग 160 छात्र-छात्राओं तथा अध्यापकों ने भाग लिया, जहाँ उन्हें आपदा प्रबंधन से संबंधित ज्ञान और कौशल सीखने का अवसर मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के स्टाफ ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों का स्वागत कर की। एनडीआरएफ की टीम ने छात्र-छात्राओं को आपदा से बचाव, प्राथमिक उपचार, CPR तकनीक, स्टेचर के इम्प्रोवाइजेशन, बाढ़ और अग्नि बचाव तकनीक, तथा खोज एवं बचाव उपकरणों की जानकारी प्रदान की।
लाइव डेमो और सहभागिता
कार्यक्रम के दौरान एसडीआरएफ और एनडीआरएफ ने लाइव डेमों और अभ्यास का आयोजन किया, जिसमें छात्र-छात्राओं और अध्यापकों ने उत्साह से भाग लिया। यह अभ्यास उन्हें वास्तविक जीवन में आपदा के समय त्वरित और सही कदम उठाने के लिए सक्षम बनाने में सहायक होगा।
एनडीआरएफ की भूमिका
इस अवसर पर एनडीआरएफ टीम के इंस्पेक्टर ओम प्रकाश ठाकुर ने बताया कि इनके कमांडेंट श्री सुदेश कुमार ड्रॉल के मार्गदर्शन में उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि टिहरी जिले में 18 अगस्त से 2 सितंबर 2025 तक करीब 15 स्थानों पर यह कार्यक्रम जारी रहेगा।
आपातकालीन सेवाएँ
मुख्य प्रशिक्षक अनिल सकलानी (जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) ने भी इस अवसर पर आपातकालीन नंबरों और विभागीय सेवाओं की जानकारी साझा की। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य जय प्रकाश डबराल ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण विद्यालय स्तर पर होते रहना बहुत लाभकारी सिद्ध होगा।
कार्यक्रम में विद्यालय का समस्त स्टाफ भी उपस्थित रहा, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि सभी शिक्षकों को इस महत्वपूर्ण विषय पर जागरूकता मिले।
इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल छात्र-छात्राओं के लिए बल्कि सम्पूर्ण समुदाय के लिए भी सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन में सुधार लाने में सहायक होते हैं।
इसके अतिरिक्त, इस प्रकार की गतिविधियों को देखकर यह उम्मीद बढ़ती है कि आने वाले वक्त में उत्तराखंड में आपदा से निपटने के लिए प्रशिक्षित बल तैयार होंगे।
आपातकाल से निपटने के लिए ऐसे कार्यक्रमों की आवश्यकता हर विद्यालय में होनी चाहिए ताकि सभी छात्र आपदाओं के समय त्वरित और प्रभावी कार्रवाई कर सकें।
अधिक जानकारी के लिए, यहाँ क्लिक करें.
संपर्क: टीम अमृता बाजार पत्रिका - श्रुति शर्मा
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