बुजुर्ग मां की शिकायत पर अपराधी को जिला बदर, सुरक्षा के प्रति प्रशासन का कड़ा कदम

Jan 15, 2026 - 00:44
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बुजुर्ग मां की शिकायत पर अपराधी को जिला बदर, सुरक्षा के प्रति प्रशासन का कड़ा कदम
बुजुर्ग मां की शिकायत पर अपराधी को जिला बदर, सुरक्षा के प्रति प्रशासन का कड़ा कदम

बुजुर्ग मां की शिकायत पर अपराधी को जिला बदर, सुरक्षा के प्रति प्रशासन का कड़ा कदम

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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में एक बुजुर्ग मां की शिकायत पर उनके बेटे को छह महीने के लिए जिला बदर कर दिया गया है। यह मामला प्रशासन के सख्त कदम का उदाहरण है, जहां नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।

गूंडा एक्ट के तहत उठाया गया कार्यवाही

देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने एक विशेष आदेश जारी करते हुए आदतन अपराधी दिव्यकांत लखेड़ा को जिला बदर कर दिया है। यह कदम गूंडा नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत उठाया गया है और इसका उद्देश्य क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को बनाए रखना और नागरिकों को सुरक्षित रखना है।

अपराध की गंभीरता और प्रतिक्रियाएं

जानकारी के अनुसार, दिव्यकांत लखेड़ा, जो लेन ऋषि विहार, माजरी माफी का निवासी है, अपनी वृद्ध माता के साथ मारपीट करता था। परेशान होकर उनकी मां को घर छोड़ना पड़ा। इसके अलावा, दिव्यकांत ने न केवल महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी की, बल्कि अपने आवास को नशे के अड्डे के रूप में भी चलाया। इन समस्त गतिविधियों ने क्षेत्र में भय और अशांति का वातावरण बना दिया था।

इस मामले में जनसुनवाई के दौरान क्षेत्र के निवासियों की शिकायतों के आधार पर जिलाधिकारी ने कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया। प्रशासन ने दिव्यकांत को गूंडा घोषित करते हुए उसे आगामी छह महीने तक देहरादून की सीमा से बाहर रहन की सख्त हिदायत दी है।

नए आदेशों के अनुसार दिशा-निर्देश

जिला बदर करने के आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि दिव्यकांत लखेड़ा निर्धारित समय में किसी कारणवश जिले में प्रवेश करता है, तो उसे जिला मजिस्ट्रेट से पूर्व अनुमति लेनी होगी। इसके साथ ही, उसे अपने निवास का पूरा पता जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय और थाना नेहरू कॉलोनी को बताना होगा। आदेश का उल्लंघन करने पर उसे छह महीने से लेकर तीन वर्षों तक की सजा का सामना करना पड़ सकता है।

जिला प्रशासन की जीरो टॉलरेंस नीति

इस मामले में थानाध्यक्ष को आदेश की प्रति तामील कराते हुए 24 घंटे के भीतर आरोपी को जनपद से बाहर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि असामाजिक तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी। नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

उम्मीद जताई जा रही है कि इस तरह के कड़े कदम अन्य असामाजिक तत्वों के लिए एक उदाहरण बनेंगे, जिससे वे अपनी हरकतें सुधारने पर मजबूर होंगे।

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संपर्क: टीम अमृता बाजार पत्रिका, सुमन शर्मा

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