मुख्यमंत्री धामी का डिजिटल क्लासरूम का उद्घाटन: शिक्षा में नई शुरुआत
मुख्यमंत्री धामी का डिजिटल क्लासरूम का उद्घाटन: शिक्षा में नई शुरुआत
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उत्तराखण्ड सी.एस.आर. डायलॉग कार्यक्रम में भाग लिया। इस विशेष अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट के प्राथमिक विद्यालय में डिजिटल क्लासरूम का वर्चुअल शुभारंभ किया, जो राज्य की शिक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है। इस कार्यक्रम के तहत, एक्सिस बैंक समूह के साथ 24 विद्यालयों के डिजिटलाइजेशन एवं टोयटा के साथ अन्य सामाजिक जिम्मेदारियों के तहत समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
कम शब्दों में कहें तो, इस डिजिटल क्लासरूम के उद्घाटन ने शिक्षा के क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता और सशक्तीकरण को सुनिश्चित करने की दिशा में एक नया कदम है। यह सिर्फ तकनीक का प्रयोग नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य को संवारने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
डिजिटलाइजेशन की ओर एक ठोस कदम
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि आज के कॉर्पोरेट हाउस अपने सामाजिक दायित्वों के तहत उत्तराखण्ड में शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। इस पहल से राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का माहौल तैयार होगा।
उन्होंने उल्लेख किया कि राज्य में कई प्रतिष्ठित कंपनियों जैसे आई.आई.एफ.सी.एल, मैनकाइंड, टोयटा और नेस्ले सहित विभिन्न संस्थाएं सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा को प्रोत्साहित कर रही हैं। इससे न केवल छात्रों को लाभ होगा, बल्कि पूरे समाज का विकास भी होगा।
निवेश में वृद्धि और औद्योगिक विकास
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि 2023 में 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' का आयोजन किया गया था, जिसके तहत 3.56 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इनमें से लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव पहले से ही धरातल पर उतरे हैं। इस प्रकार की नीतियों का उद्देश्य राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है, जिससे रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।
शिक्षा में सुधार की दिशा में उठाए गए कदम
धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाई है। सभी सरकारी स्कूलों में एन.सी.ई.आर.टी की पाठ्यपुस्तकें अनिवार्य की गई हैं, ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
विशेष रूप से, 12वीं के व्यावसायिक छात्रों के लिए प्रथम बार रोजगार मेलों का आयोजन किया गया, जिसके जरिए 146 छात्रों को प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी मिली। यह पहल शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता में वृद्धि और रोजगार अवसरों को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
नकल माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई
राज्य में नकल माफियाओं के खिलाफ सख्त कानून लागू किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले चार वर्षों में 25,000 से अधिक युवाओं ने सरकारी नौकरी प्राप्त की है। इस प्रणाली ने नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजने का काम किया है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्टीकरण दिया कि कुछ लोग यह नहीं चाहते कि युवा सरकारी नौकरी पा सकें और इसलिए वे पेपर लीक करने के षड्यंत्र रच रहे हैं। हाल ही में पूर्वी राज्यों में पेपर लीक का असफल प्रयास किया गया, जिसे सरकार ने विफल कर दिया।
उद्घाटन समारोह में शामिल विशिष्ट अतिथिगण
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर, टोयटा के देश प्रमुख विक्रम गुलाटी, सचिव उद्योग विनय शंकर पांडेय और विभिन्न कंपनियों एवं संस्थाओं के अन्य महत्वपूर्ण सदस्य भी उपस्थित थे।
शिक्षा के इस डिजिटल स्वरूप के माध्यम से मुख्यमंत्री धामी ने देश के अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श प्रस्तुत किया है। यह पहल न केवल बच्चों के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक नई दिशा और संभावनाएं प्रदान कर रही है।
यह आवश्यक है कि हम सभी इस दिशा में सकारात्मक बदलाब के लिए समर्थन करें और अपने बच्चों को एक सफल भविष्य प्रदान करने में सहयोग करें।
फिर से, इस डिजिटल क्लासरूम के उद्घाटन ने यह सिद्ध कर दिया है कि उत्तराखण्ड शिक्षा के क्षेत्र में नई तकनीकों को अपनाकर अपना विकास कर रहा है और इसके लिए सभी का योगदान महत्वपूर्ण है।
इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए, यहां पर जा सकते हैं: Amrita Bazaar Patrika.
Team Amrita Bazaar Patrika - Priya Sharma
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0