राष्ट्रीय स्तर का फ़िल्म महोत्सव: उत्तराखंड को मिले नए अवसर - अमृता बाजार पत्रिका
उत्तराखंड में राष्ट्रीय स्तर का फ़िल्म महोत्सव आयोजित करने पर कार्य करें- मुख्य सचिव
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में फि़ल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर के फ़िल्म महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने इस संबंध में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता जताई है।
देहरादून में, उत्तराखंड फ़िल्म विकास परिषद के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी नितिन उपाध्याय ने मुख्य सचिव आनंद बर्धन से मुलाकात की और राज्य में ऐसी गतिविधियों के बारे में जानकारी साझा की, जो फिल्म उद्योग को विकसित करने में मदद कर सकती हैं।
मुख्य सचिव की दिशा निर्देश
मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने कहा कि उत्तराखंड को फिल्म निर्माण के क्षेत्र में एक विकसित इको सिस्टम की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत सरकार के सहयोग से एक राष्ट्रीय स्तर का फ़िल्म महोत्सव आयोजित करने के लिए ठोस प्रस्ताव तैयार किए जाने चाहिए। यह आयोजन राज्य के न केवल कलाकारों और फिल्म निर्माताओं के लिए, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए भी नए अवसर प्रदान करेगा।
लो-कॉस्ट सिनेमा हॉल की संभावनाएं
बर्धन ने पर्वतीय क्षेत्रों में लो-कॉस्ट (कम लागत) सिनेमा हॉल स्थापित करने की संभावनाओं पर भी विचार करने के लिए कहा। इससे स्थानीय कलाकारों और युवा प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा और लोगों को बेहतर मनोरंजन सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
फिल्म नीति का प्रभावी कार्यान्वयन
उपाध्याय ने मुख्य सचिव को राज्य की फिल्म नीति के क्रियान्वयन के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माण की अनुमति प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम पहले से लागू है। इससे पिछले एक वर्ष में लगभग 30 क्षेत्रीय फ़िल्मों का निर्माण किया गया है, या ये निर्माणाधीन हैं। कई बड़े बैनर और बजट की हिंदी फ़िल्में और वेब सीरीज़ भी उत्तराखंड में शूट हो रही हैं, जिससे राज्य फ़िल्मकारों के लिए एक आकर्षण का केंद्र बन रहा है।
आगे का मार्ग
यह पहल न केवल फिल्म क्षेत्र को विकसित करेगी, बल्कि इसे उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर को उजागर करने का भी एक अवसर प्रदान करेगी। आने वाले समय में, यदि इस प्रकार के महोत्सव का आयोजन सफल होता है, तो यह न केवल फिल्म उद्योग में बल्कि पर्यटन क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
फिल्म महोत्सव के आयोजन को लेकर यह चर्चा उस समय हो रही है जब उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर के लिए जाना जाता है। अब अगर इसे फ़िल्मी दुनिया में भी पहचान मिलती है, तो निश्चित ही इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के और अधिक अवसर प्राप्त होंगे।
अधिक अपडेट के लिए, कृपया अमृता बाजार पत्रिका पर जाएं।
— टीम अमृता बाजार पत्रिका, स्वाति जोशी
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