साधना से भक्तों की इच्छाएं होती हैं पूरी — स्वामी रसिक महाराज का दिवाली संदेश
साधना से भक्तों की इच्छाएं होती हैं पूरी — स्वामी रसिक महाराज का दिवाली संदेश
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कम शब्दों में कहें तो, साधना से भक्तों की मनोकामना पूर्ण होती है, जो आध्यात्मिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
डोईवाला देहरादून में रेशम माजरी स्थित डा मोहित बाबा जी के कृपा दरबार में शुक्रवार को सन् 2025 के छह दिवसीय दीपावली महोत्सव का शानदार उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर "एक शाम श्री राम के नाम" संगीतमय भजन प्रस्तुति की गई, जिसने सभी भक्तों के दिलों में एक अलग ही उल्लास भर दिया।
दीपावली महोत्सव का महत्व
नृसिंह वाटिका आश्रम रायवाला के परमाध्यक्ष स्वामी रसिक महाराज ने अपने संबोधन में इस महोत्सव की महत्ता को उजागर करते हुए कहा कि महापुरुषों द्वारा की गई साधना ही भक्तों की सभी मनोकामनाओं को पूरा करती है। उनका कहना था कि वैदिक हिन्दू सनातन संस्कृति में दीप रात्रि केवल खान-पान का पर्व नहीं है, बल्कि यह मंत्र सिद्धता का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
दिवाली: एक आध्यात्मिक यात्रा
दिवाली का यह पर्व न केवल भारत में बल्कि पूरे विश्व में धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व विश्वास और उल्लास का प्रतीक है, जो लोगों को जोड़ने और सामूहिक आनंद का अनुभव कराने का मौका देता है। दिवाली के पांच प्रमुख पर्व इस प्रकार हैं: धनतेरस, नरक चतुर्दशी, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैया दूज।
दिवाली, जो शरद ऋतु में मनाई जाती है, का नाम "दीप" से और "वली" से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है "रोशनी की पंक्ति"। यह पर्व परिवारों और दोस्तों के साथ मिलकर अपने जीवन को रोशन करने का पर्व है।
साधना का महत्व
डा मोहित बाबा जी के कृपा दरबार में देश-विदेश के हजारों श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं को लेकर आते हैं। ख्वाजा पीर और महादेव की सिद्ध साधना से बाबा जी सभी की इच्छाओं की पूर्ति कर रहे हैं। स्वामी रसिक महाराज का यह कहना है कि साधना से प्राप्त आशीर्वाद ही जीवन में सच्ची खुशियों का आधार होता है।
अतिथियों की उपस्थिति
इस विशेष अवसर पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कंडवाल, नगर पालिका डोईवाला के अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह नेगी, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं भाजपा नेता श्री मनोज पाल, साध्वी माँ देवेश्वरी जी के साथ बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने प्रसाद का आनंद लिया।
इस पर्व की महत्ता केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक भी है। यह समरसता, प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है।
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सादर,
टीम अम Rita Bazaar Patrika
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