स्थानीय कारीगरों की मदद: मिट्टी के दीये, बर्तन और पारंपरिक उत्पादों की बढ़ती खरीदारी

Oct 20, 2025 - 21:44
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स्थानीय कारीगरों की मदद: मिट्टी के दीये, बर्तन और पारंपरिक उत्पादों की बढ़ती खरीदारी
स्थानीय कारीगरों की मदद: मिट्टी के दीये, बर्तन और पारंपरिक उत्पादों की बढ़ती खरीदारी

स्थानीय कारीगरों की मदद: मिट्टी के दीये, बर्तन और पारंपरिक उत्पादों की बढ़ती खरीदारी

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कम शब्दों में कहें तो: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीपावली के अवसर पर स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन देने के लिए चकराता रोड पर मिट्टी के दीये और स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी की।

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में दीपावाली के अवसर पर स्थानीय कारीगरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चकराता रोड पर स्थित दुकानों से मिट्टी के दीये और पारंपरिक उत्पादों की खरीदारी की। उन्होंने इस अवसर पर स्थानीय दुकानदारों, कुम्हारों और हस्तशिल्पकारों से संवाद कर उनकी कलाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।

मुख्यमंत्री धामी ने इस खास मौके पर डिजिटल भुगतान (UPI) के माध्यम से सामान खरीदा। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे भी अपने-अपने स्तर पर अधिक से अधिक स्थानीय उत्पादों की खरीदारी करें, जिससे न केवल छोटे व्यवसायियों और कारीगरों को लाभ हो, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी मजबूत बनाएगा।

मुख्यमंत्री धामी मिट्टी के दीये खरीदते हुए

सीएम धामी ने इस अवसर पर कहा, “दीपावली का पर्व प्रकाश और समृद्धि का प्रतीक है। स्थानीय कारीगरों को बढ़ावा देना ही सच्ची दीपावली है। हमें स्वदेशी अपनाकर आत्मनिर्भर भारत बनाना चाहिए।” उन्होंने स्वदेशी उत्पादों की खरीद को न केवल परंपरा को जीवित रखने का एक साधन बताया, बल्कि यह ‘वोकल फॉर लोकल’ के संकल्प को भी सशक्त बनाने का एक अवसर बताया।

स्थानीय कारीगरों के साथ बातचीत करते सीएम धामी

दुकानदारों ने मुख्यमंत्री से यह बताया कि इस वर्ष जीएसटी दरों में कमी के कारण बिक्री में वृद्धि हुई है। इस पर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि यह परिवर्तन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वदेशी अपनाओ’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के आह्वान का परिणाम है।

दुकानदार ग्रामीणों के साथ

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से यह भी अपील की कि वे इस दीपावली घरों को स्वदेशी मिट्टी के दीयों से रोशन करें और भारतीय परंपरा और संस्कृति को अपने उत्सवों का अहम हिस्सा बनाएं। मुख्यमंत्री की इस पहल से स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

दीपावली का यह पर्व केवल रोशनी का नहीं, बल्कि स्वदेशी उत्पादों की महत्ता को उजागर करने का भी है। यह हमारे सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने का एक साधन है।

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टीम अम Rita Bazaar Patrika

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