हरिद्वार कांवड़ यात्रा: मुख्यमंत्री ने किया शिवभक्तों का स्वागत, स्वास्थ्य सेवा शिविर का शुभारंभ
हरिद्वार कांवड़ यात्रा: मुख्यमंत्री ने किया शिवभक्तों का स्वागत, स्वास्थ्य सेवा शिविर का शुभारंभ
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कम शब्दों में कहें तो, धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिवभक्तों का सम्मान किया और स्वास्थ्य सेवा शिविर की शुरुआत की।
धर्मनगरी हरिद्वार में मंगलवार को कांवड़ यात्रा के आयोजन को लेकर आस्था, सेवा और संस्कृति का अद्वितीय समागम देखने को मिला। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में, राज्य ने शिवभक्त कांवड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के सम्मान के साथ-साथ कांवड़ यात्रा के सुव्यवस्थित और सुरक्षित संचालन के प्रयासों को भी रेखांकित किया गया।
पुष्पवर्षा से किया गया स्वागत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरकीपैड़ी क्षेत्र से लेकर कांवड़ यात्रा मार्ग के ऊपर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की। इस भव्य समारोह का आयोजन अलकनंदा होटल परिसर में किया गया, जहां उन्होंने पाँच शिवभक्त कांवड़ियों का चरण प्रक्षालन कर उनका सम्मान किया।
स्वास्थ्य सेवा शिविर का उद्घाटन
इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रियों की स्वास्थ्य सहायता के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवा शिविर का उद्घाटन किया। उन्होंने शिविर में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का दौरा किया और श्रद्धालुओं को त्वरित उपचार और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराने की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
भोजन का सेवा भाव
मुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्यों से आए शिवभक्तों के बीच जाकर उनके लिए स्वयं हाथों से भोजन परोसा, जिससे उनकी सेवा का भाव स्पष्ट दिखाई दिया। कांवड़ यात्रा के समय यह दृश्य अत्यधिक सजीव और भावुक था।
सरकार की प्रतिबद्धता
इस आयोजन में, मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार का संकल्प है कि देवभूमि आने वाले प्रत्येक शिवभक्त को एक सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक वातावरण मिले। उन्होंने बताया कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध संस्कृति और सामाजिक एकता का एक प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पाँच वर्षों से उन्हें कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव का नाम करोड़ों भक्तों के लिए आस्था और विश्वास का आधार है।
सांस्कृतिक परियोजनाएं
मुख्यमंत्री ने केन्द्र सरकार के सहयोग से विभिन्न सांस्कृतिक परियोजनाओं, जैसे काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण का जिक्र किया। उन्होंने यह भी कहा कि ये परियोजनाएं हमारी संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने में सहायक हैं।
यात्रियों की सुरक्षा
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सूचारु सुरक्षा व्यवस्था, ड्रोन निगरानी, और स्वास्थ्य शिविर की व्यवस्था की गई है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अनुशासन और धार्मिक परंपराओं का पालन करने की अपील की।
कर्मयोगियों की प्रशंसा
मुख्यमंत्री ने सभी उन कर्मयोगियों का आभार व्यक्त किया, जो इस विशाल आयोजन के सफल संचालन में जुटे हुए हैं। उन्होंने कांवड़ यात्रा के सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पाँच पुलिसकर्मियों और पाँच पर्यावरण मित्रों को सम्मानित करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल कुछ व्यक्तियों का नहीं, बल्कि सभी सेवा कार्यों में लगे कर्मयोगियों के प्रति राज्य की कृतज्ञता का प्रतीक है।
अंत में, देवभूमि का यह कार्यक्रम न केवल श्रद्धा का प्रतीक, बल्कि हमारी संस्कृतिक पहचान का एक महोत्सव भी है। इससे एकता एवं समरसता का संदेश प्रसारण होता है, जो हमारे समाज को जोड़ने का कार्य करता है।
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सादर, टीम अमृता बाजार पत्रिका - ज्योति सिंह
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