SATTE 2026 – उत्तराखंड का इको-फ्रेंडली पर्यटन का नया दृष्टिकोण
SATTE 2026 – उत्तराखंड का इको-फ्रेंडली पर्यटन का नया दृष्टिकोण
ब्रेकिंग न्यूज़, डेली अपडेट्स & एक्सक्लूसिव स्टोरीज - Amrita Bazaar Patrika
कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को संजीवनी देने के लिए SATTE 2026 में इको-फ्रेंडली ट्रेल्स और होमस्टे पर जोर दिया गया है।
नई दिल्ली। दक्षिण एशिया के सबसे बड़े पर्यटन मेले SATTE 2026 का आयोजन 25 से 27 फरवरी के बीच यशोभूमि (IICC), द्वारका, नई दिल्ली में हो रहा है। इस मेले में उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) ने कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) और गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के साथ मिलकर मजबूत उपस्थिति दर्ज की है।
कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया।
मुख्य आकर्षण और प्रदर्शनी
इस वर्ष उत्तराखंड का मुख्य फोकस ‘इको-फ्रेंडली माउंटेन ट्रेल्स’ और ‘होमस्टे आधारित पर्यटन’ पर है। बजट 2026 में शामिल की गई नई पर्वत श्रृंखलाओं और ट्रेकिंग रूट्स को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है। उत्तराखंड पवेलियन में लगभग 99 सह-प्रदर्शक भाग ले रहे हैं, जिनमें होटल व्यवसायी, टूर ऑपरेटर्स और एडवेंचर पर्यटन के विशेषज्ञ शामिल हैं।
स्थानीय निवासियों द्वारा संचालित होमस्टे को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष खंड बनाया गया है। इससे पर्यटकों को राज्य की पारंपरिक संस्कृति और आतिथ्य का अनुभव प्राप्त होगा।
प्रमुख रणनीतिक पहल
पर्यटन विभाग के अधिकारी और राज्य के हितधारक अंतरराष्ट्रीय और घरेलू खरीदारों के साथ बी2बी बैठकें कर रहे हैं, ताकि राज्य में निवेश और पर्यटकों की संख्या बढ़ाई जा सके। प्रदर्शनी के दौरान निवेशकों को नई पर्यटन नीति 2026 के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। इस नीति में हेली-टूरिज्म, कारवां टूरिज्म, और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए आकर्षक सब्सिडी और प्रोत्साहन का प्रावधान शामिल है।
उत्तराखंड सतत और जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने के अपने रोडमैप को भी इस वैश्विक मंच पर प्रस्तुत कर रहा है। अपर निदेशक पर्यटन पूनम चंद ने बताया कि SATTE उत्तराखंड के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। यहां केदारनाथ और बदरीनाथ जैसे पारंपरिक स्थलों के साथ-साथ राज्य के अनजान पर्यटन स्थल और साहसिक गतिविधियों को भी वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर प्रदर्शित किया जा रहा है।
विशेष रूप से, उत्तराखंड की इस प्रदर्शनी का एक उद्देश्य पर्यटन को एक स्थायी और सुरक्षित तरीके से विकसित करना है, जिससे स्थानीय समुदायों को भी लाभ मिले।
इस तीन दिवसीय आयोजन के दौरान उत्तराखंड के पास मौजूद संभावनाओं को वैश्विक मंच पर पेश किया जा रहा है। यह मेले में भाग लेने वाले आगंतुकों के लिए एक अनूठा अवसर है, जिससे वे राज्य की अद्वितीय संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव कर सकें।
अगर आप अधिक जानकारी चाहते हैं, तो कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएं: Amrita Bazaar Patrika
हमारी पर्यटन नीति से संबंधित नई जानकारियों से आपको अपने यात्रा अनुभव को और भी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
संपर्क: अपनी राय और सुझाव हमें अवश्य बताएं।
सादर,
टीम अमृता बाजार पत्रिका
(सान्या चंद्रा)
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0