अंगदान जागरूकता: विश्वविद्यालय परिसर में महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्यक्रम
अंगदान जागरूकता: विश्वविद्यालय परिसर में महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्यक्रम
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कम शब्दों में कहें तो, ऋषिकेश में पंडित ललित मोहन शर्मा श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय ने अंगदान के महत्व पर एक प्रभावशाली जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें 100 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।
ऋषिकेश। पंडित ललित मोहन शर्मा श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी (एमएलटी) विभाग ने अंगदान के महत्व को उजागर करने के लिए एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में एम्स ऋषिकेश एवं मोहन फाउंडेशन का सहयोग प्राप्त हुआ, जिसके परिणामस्वरूप यह आयोजन अधिक व्यापक और प्रभावी बना।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएँ
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शलभ जौहरी ने मानव अंगदान की महत्वता पर गहरे विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि अंगदान केवल चिकित्सा सुविधा नहीं, बल्कि यह मानवीयता और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्सव भी है।
कार्यक्रम में एमएलटी एवं माइक्रोबायोलॉजी के समन्वयक, प्रो. गुलशन कुमार ढींगरा ने इस बात पर जोर दिया कि 100 से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी इस तथ्य का प्रमाण है कि युवा वर्ग अब अंगदान के बारे में जागरूक हो रहा है।
विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता
परिसर के प्रभारी निदेशक ने बताया कि कार्यक्रम का विशेष आकर्षण विद्यार्थियों का उत्साह था, जिसमें कई छात्रों ने अंगदान प्रतिज्ञा पत्र पर हस्ताक्षर कर अपनी सहमति दी।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन.के. जोशी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल विद्यार्थियों में सकारात्मक विचारों को प्रोत्साहित करते हैं, बल्कि समाज में भी जागरूकता फैलाते हैं।
विशेषज्ञों की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान, एम्स ऋषिकेश के ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर श्री वृषभ पंचाल ने अंग प्रत्यारोपण से जुड़े नैतिक और चिकित्सीय पहलुओं पर विस्तृत रूप से चर्चा की। इसके साथ ही, मोहन फाउंडेशन के श्री संचिट अरोड़ा ने अंगदान को बढ़ावा देने और इसके क्रियान्वयन में सहायता हेतु संस्था द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की।
कार्यक्रम के दौरान सूचना सत्र और संवादात्मक चर्चाओं का आयोजन भी किया गया, जो इस विषय पर जागरूकता बढ़ाने में सहायक रहा। पंडित ललित मोहन शर्मा विश्वविद्यालय, एम्स ऋषिकेश, और मोहन फाउंडेशन के बीच यह सहयोग अंगदान की संस्कृति को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
समाप्ति टिप्पणी
इस कार्यक्रम में सफिया हसन, अर्जुन पालिवाल, और अन्य उपस्थित थे, जिन्होंने इसकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस तरह के कार्यक्रमों से न केवल शिक्षा को बढ़ावा मिलता है, बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी फैलता है।
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टिप्पणियाँ: इस जागरूकता कार्यक्रम ने अंगदान के प्रति विचार करने के लिए प्रेरित किया, जो कि सभी के लिए महत्वपूर्ण है। यह न केवल चिकित्सा सहायता प्रदान करता है बल्कि मानवता के प्रति हमारी जिम्मेदारियों को भी दर्शाता है।
टीम अमृता बाजार पत्रिका
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