अंतर्राष्ट्रीय पर्वत दिवस: हिमालय के संसाधनों का संरक्षण और सतत विकास

Dec 11, 2025 - 21:44
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अंतर्राष्ट्रीय पर्वत दिवस: हिमालय के संसाधनों का संरक्षण और सतत विकास
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अंतर्राष्ट्रीय पर्वत दिवस: हिमालय के संसाधनों का संरक्षण और सतत विकास

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कम शब्दों में कहें तो: स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय पर्वत दिवस के अवसर पर हिमालय की संस्कृति और संसाधनों के संरक्षण पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

डोईवाला। ग्रामीण विकास संस्थान (RDI), एचआईएचटी, स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पर्वत दिवस 2025 का आयोजन ने पर्यावरण और समाज को ध्यान में रखते हुए हिमालय के संसाधनों के संरक्षण का एक अनूठा मंच प्रदान किया। इस अवसर पर पर्वतीय संस्कृतियों एवं उनके विकास के सामूहिक प्रतिज्ञा को सशक्त करने का प्रयास किया गया।

इस वर्ष की थीम “ग्लेशियर जल, भोजन और पर्वतीय क्षेत्रों एवं उससे आगे की आजीविका के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं” पर आधारित थी। विशेषज्ञों ने हिमालय के जलवायु, पारिस्थितिकी और संसाधनों पर विस्तृत चर्चा की, जिसमें मौजूदा चुनौतियों और उनके संभावित समाधानों पर विचार किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन और प्रमुख व्याख्यान

कार्यक्रम का उद्घाटन स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल ने किया, जिन्होंने हिमालयी ग्लेशियरों को जल, भोजन और आजीविका का महत्वपूर्ण स्रोत बताते हुए उनके संरक्षण को सामाजिक और संस्थागत जिम्मेदारी बताया।

इसके बाद प्रो. एच.पी. उनियाल, सलाहकार SRHU एवं पूर्व निदेशक राज्य योजना आयोग, उत्तराखंड ने “पर्वतीय पारितंत्र, उसका महत्व एवं उत्तराखंड द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाएँ” विषय पर एक महत्वपूर्ण प्रस्तुति दी। उन्होंने जैव विविधता, प्राकृतिक संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों के संरक्षण की आवश्यकता रेखांकित की।

Himalayan Resources Conservation

जलवायु परिवर्तन और सतत पर्यटन पर विचार

कार्यक्रम में थ्रीश कपूर, सीईओ और द बुरांश फाउंडेशन के संस्थापक ने “पर्वतीय पारितंत्र एवं संरक्षण का महत्व” विषय पर प्रेरक प्रस्तुति दी। उन्होंने हिमालयी क्षेत्रों के फोटोग्राफ्स के माध्यम से सतत पर्यटन, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और समुदाय आधारित संरक्षण मॉडलों की जानकारी प्रस्तुत की, जो दर्शकों को प्रभावित करने में सफल रही।

कार्यक्रम का समापन डॉ. राजीव बिजलवान, उपनिदेशक RDI, के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने सभी प्रतिभागियों और व्याख्याताओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन सुचारू रूप से नीलम पाण्डेय ने किया।

माउंटेन हिल्स चैंपियंस का सम्मान

कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण था RDI द्वारा चयनित ‘माउंटेन हिल्स चैंपियंस’ का सम्मान, जिसमें कमल नयन जोशी, निर्मला बिजलवान और विकास बोरा को पर्वतीय क्षेत्रों में जैव-संरक्षण, जीविकोपार्जन, स्वास्थ्य, सामुदायिक विकास तथा सेवाभाव के उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन लोगों को प्रदान किया गया जो अपने कार्यों के माध्यम से पर्वतीय संसाधनों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इस कार्यक्रम ने न केवल हिमालय के संसाधनों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने का संदेश दिया, बल्कि युवाओं और समुदाय को भी प्रेरित किया कि वे अपने प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

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टीम अमरिता बाजार पत्रिका, सीमा रावत

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