आचार्य बालकृष्ण के जन्मदिन पर मनाया जड़ी-बूटी दिवस, औषधीय पौधों का रोपण समारोह

Aug 5, 2026 - 07:44
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आचार्य बालकृष्ण के जन्मदिन पर मनाया जड़ी-बूटी दिवस, औषधीय पौधों का रोपण समारोह
आचार्य बालकृष्ण के जन्मदिन पर मनाया जड़ी-बूटी दिवस, औषधीय पौधों का रोपण समारोह

आचार्य बालकृष्ण के जन्मदिन पर मनाया जड़ी-बूटी दिवस, औषधीय पौधों का रोपण समारोह

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कम शब्दों में कहें तो, टिहरी गढ़वाल में आचार्य बालकृष्ण जी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित जड़ी-बूटी दिवस का उत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर, पतंजलि योग समिति, भारत स्वाभिमान न्यास, युवा भारत, महिला पतंजलि एवं किसान पंचायत के कार्यकर्ताओं ने मिलकर औषधीय पौधों का रोपण किया।

जड़ी-बूटी दिवस का महत्व

4 अगस्त को, आचार्य बालकृष्ण जी के जन्मदिन के मौके पर टिहरी जिले में जड़ी-बूटी दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान ज्ञान और प्राकृतिक औषधियों के महत्व को बढ़ावा देने के लिए योग पार्क बौराड़ी समेत विभिन्न स्थानों पर औषधीय पौधों का रोपण किया गया। यह पहल न केवल पर्यावरण को सजीव रखने में मददगार है बल्कि स्थानीय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी सहायक है।

रोपण का कार्यक्रम

इस कार्यक्रम में नई टिहरी के संस्थापक स्वर्गीय बचन सिंह नेगी की स्मृति में वन वाटिका में कई औषधीय पौधों जैसे पत्थरचट्टा, गिलोय, निर्गुंडी, आंवला, पीपल, बरगद, बुरांश, भूमि आंवला, घृतकुमारी, गुड़हल और गेंदा का रोपण किया गया। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने आचार्य बालकृष्ण के दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए मंगल गीत भी गाए।

प्रतिभागियों का उत्साह

इस अवसर पर पतंजलि के राज्य कार्यकारिणी सदस्य कमल सिंह, भारत स्वाभिमान के जिला प्रभारी एडवोकेट जगजीत सिंह नेगी, भगवान सिंह राणा, त्रिलोक चंद्र रमोला और बड़ी संख्या में योग साधक भाई-बहनों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम ने स्थानीय समुदाय में स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

भविष्य की दिशा

जड़ी-बूटी दिवस के इस आयोजन का उद्देश्य न केवल आयुर्वेदिक औषधियों के प्रति लोगों का ध्यान आकर्षित करना था, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और हरित भविष्य की नींव रखने का भी था। औषधीय पौधों को लगाने से न केवल वातावरण साफ होता है, बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद है।

इस महत्वपूर्ण दिन पर, हम सभी को अपने जीवन में प्राकृतिक चिकित्सा को अपनाने और औषधीय पौधों की सुरक्षा का प्रयास करना चाहिए। इसके साथ ही, स्थानीय समुदाय को एकजुट होकर स्वास्थ्यवर्धक प्रथाओं को अपनाने की प्रेरणा लेनी चाहिए।

इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों और आयोजकों को बधाई। आशा है कि इस प्रकार के आयोजन आगे भी होते रहेंगे और लोग अपनी जड़ों से जुड़े रहेंगे।

इस आयोजन से जुड़ी और अधिक जानकारियों के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट https://amritabazaarpatrika.com पर जाएं।

Team Amrita Bazaar Patrika, राधिका शर्मा

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