उत्तरकाशी में “स्वस्थ बाल– स्वस्थ भारत” की ओर बढ़ते कदम, मनाया गया राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस
उत्तरकाशी में “स्वस्थ बाल– स्वस्थ भारत” की ओर बढ़ते कदम, मनाया गया राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तरकाशी में आज राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली और कृमि नियंत्रण की जानकारी दी गई।
उत्तरकाशी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज अल्पाइन पब्लिक स्कूल, तिलोथ में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन नगरपालिका अध्यक्ष श्री भूपेंद्र चौहान, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.एस. रावत, और अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.एस. पांगती ने किया।
स्वच्छता और स्वास्थ्य पर जोर
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने विद्यार्थियों को स्वच्छता, संतुलित आहार और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के महत्व के बारे में बताया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने यह भी बताया कि बच्चों में कृमि संक्रमण के कारण स्वास्थ्य, एकाग्रता, और पोषण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसीलिए, विद्यार्थियों को एल्बेंडाजोल की गोली खाने के लिए दी गई।
जनपदभर में स्वास्थ्य इकाइयों, विद्यालयों व आंगनबाड़ी केंद्रों में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान संचालित
विशेष अभियान की जानकारी
इस राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान के तहत जनपद के सभी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों में स्वास्थ्य विभाग और आरबीएसके टीमों ने बच्चों को कृमि नियंत्रण और इसके प्रभावों के बारे में जानकारी दी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 1060 सरकारी, 178 निजी विद्यालय और 1052 आंगनबाड़ी केंद्रों में 1 से 19 वर्ष आयु के 94,536 बच्चों को दवा दी जानी है। कार्यक्रम में जो बच्चे दवा नहीं ले सके, उन्हें 15 अक्टूबर को “मॉप-अप डे” पर दवा दी जाएगी।
कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य लोग
अल्पाइन पब्लिक स्कूल में हुए इस कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधक डॉ. जया पटेल, शिक्षक सतीश नौटियाल, कोमल कुड़ियाल, अरविंद चौहान, और स्वास्थ्य विभाग से मनोज भट्ट और शशिबाला भी शामिल रहे।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का यह आयोजन न केवल बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास है, बल्कि यह स्वस्थ भारत के संकल्प की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
स्वास्थ्य विभाग के इस अभियान से उम्मीद है कि बच्चे स्वस्थ जीवन जी सकें और उनके पोषण में कोई कमी न आए। आगे की जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें.
सादर,
टीम अमृता बाजार पत्रिका
स्मिता वर्मा
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