उत्तराखंड के कुलदीप नेगी को जयपुर में मिला अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार पुरस्कार
उत्तराखंड के कुलदीप नेगी को जयपुर में मिला अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार पुरस्कार
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के प्रदेश सचिव कुलदीप नेगी को जयपुर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार पुरस्कार समारोह 2025 में सम्मानित किया गया। यह एक प्रतिष्ठित समारोह था जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष और सेवानिवृत्त IPS एवं IAS अधिकारियों ने उन्हें मान्यता प्रदान की।
जयपुर (राजस्थान)। 27 मार्च, 2025 को राजस्थान के राज आंगन रिसॉर्ट में आयोजित एक भव्य समारोह में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग के उत्तराखंड राज्य के सचिव कुलदीप नेगी को राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष बजाज, आसपुर के विधायक उमेश डामोर एवं सेवानिवृत्त IPS, IAS अधिकारियों द्वारा सम्मानित किया गया। इस समारोह में देश की कई जानी-मानी दिग्गज हस्तियां और विश्व प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद थे। समारोह में केरला से सूरज सुन्दरन, अहमदाबाद से मोईन खान पठान, महाराष्ट्र से प्रदीप आपगे और अन्य राज्यों से आयोग के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
समारोह का महत्व
भारत के प्राचीन और ऐतिहासिक शहर जयपुर में आयोजित इस समारोह ने समाजसेवियों को उनके निस्वार्थ योगदान के लिए पहचान दिलाई। यहां ऐसे सैकड़ों समाजसेवियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर आमंत्रित किया गया था, जो अपनी सामाजिक सेवा और मानवाधिकारों के लिए कार्य कर रहे हैं। इन सभी को अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठित अवार्ड, ट्रॉफी, और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कुलदीप नेगी का संदेश
सम्मान प्राप्त करते हुए, कुलदीप नेगी ने ध्यान केंद्रित किया कि यह पुरस्कार केवल उनके लिए नहीं, बल्कि उन सभी कार्यकर्ताओं के लिए है जो मानवता की सेवा में लगे हुए हैं। उन्होंने अपील की कि उत्तराखंड में जल्द ही जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा ताकि बच्चों को मानवाधिकारों के महत्व के बारे में बताया जा सके।
कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट व्यक्ति
इस भव्य सम्मान समारोह में राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष रामजीलाल बैरवा, प्रदेश मुख्य महासचिव भंवरलाल बैरवा, प्रदेश प्रभारी प्रेम चंद बेरवाल (से.नि आई.ए.एस), अनिल कुमार जैन (से.नि आईआरएस, प्रधान आयकर आयुक्त), आसपुर विधायक उमेश डामोर, जी.सी. राय (से.नि आईपीएस-आई.जी रैंक), सी.पी. खेतानी (एडवोकेट राजस्थान जयपुर हाइकोर्ट), और अन्य प्रमुख व्यक्ति उपस्थित थे। उन्होंने इस अवसर पर अपने विचार साझा किए और मानवाधिकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
मानवाधिकारों पर चर्चा
डॉ. संतोष बजाज ने अपने सम्बोधन में मानवाधिकारों की महत्वता व उनकी आवश्यकताओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि हर व्यक्ति को अपने अधिकारों के बारे में जागरूक होना चाहिए और उन्हें सुरक्षित व सम्मानित महसूस करना चाहिए। यह केवल व्यक्तिगत स्तर पर नहीं, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी जरूरी है।
इस सम्मान समारोह में शामिल सभी लोग इस बात पर सहमत थे कि समाज में सुधार लाने के लिए कार्यरत लोगों को पहचान देना बहुत जरूरी है। अभियान के माध्यम से, आयोग ने अन्य राज्यों में भी जांच-पड़ताल कर ऐसे लोगों का सम्मान करने की योजना बनाई है।
इस प्रकार, कुलदीप नेगी और अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने यह स्पष्ट किया कि सिर्फ सम्मानित होना ही नहीं, बल्कि कार्य करना भी महत्वपूर्ण है जो समग्र समाज को एक नई दिशा देता है।
अंत में, यह कहना उचित होगा कि इस प्रकार के पुरस्कार समारोह समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य करते हैं और नई पीढ़ी को प्रेरित करते हैं कि वे मानवता की सेवा में आगे आएं।
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Team Amrita Bazaar Patrika, प्रियंका रस्तोगी
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