उत्तराखंड के प्रजापिता जन नेता, दिवाकर भट्ट का निधन

Nov 26, 2025 - 00:44
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उत्तराखंड के प्रजापिता जन नेता, दिवाकर भट्ट का निधन
उत्तराखंड के प्रजापिता जन नेता, दिवाकर भट्ट का निधन

उत्तराखंड में शोक की लहर, नहीं रहे “फील्ड मार्शल” दिवाकर भट्ट

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के लोकप्रिय जननेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट का मंगलवार को निधन हो गया। उनके निधन की खबर ने उत्तराखंड के राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ा दी है।

हरिद्वार। उत्तराखंड के सम्मानित जन नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट, जिन्हें "फील्ड मार्शल" के नाम से जाना जाता है, का निधन मंगलवार को हुआ। वह 79 वर्ष के थे। पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे दिवाकर भट्ट ने मंगलवार शाम 4:30 बजे हरिद्वार स्थित अपने निवास 'तरुण हिमालय' पर अंतिम सांस ली। उनके पुत्र ललित भट्ट ने उनके निधन की पुष्टि की।

दिवाकर भट्ट का स्वास्थ्य हाल के दिनों में और बिगड़ गया था। वह पहले देहरादून के इंद्रेश अस्पताल में भर्ती थे, लेकिन जब उनके स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ, तो चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें हरिद्वार लाया गया। उनके निधन की खबर से हरिद्वार में स्थित उनके निवास पर शोक का माहौल बना हुआ है।

राजनीतिक धारा में परिवर्तन

भट्ट का निधन प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य पर गहरा प्रभाव डालता है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कई अन्य नेता उनके निधन पर अपना दुख व्यक्त कर चुके हैं। यूकेडी की केंद्रीय मीडिया प्रभारी किरण रावत कश्यप का कहना है कि दिवाकर भट्ट राज्य आंदोलन के सबसे समर्पित नेताओं में से एक थे। उन्हें उनकी जुझारू कार्यशैली के कारण ‘फील्ड मार्शल’ की उपाधि से सम्मानित किया गया।

उनका नाम पर्यावरण संरक्षण, पर्वतीय क्षेत्रों की उपेक्षा, और अलग राज्य की मांग के लिए हमेशा याद रखा जाएगा। भट्ट यूकेडी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और उन्होंने 2007 में देवप्रयाग विधानसभा से पार्टी के टिकट पर विधायक बनने का गौरव हासिल किया। 2007 से 2012 तक उन्होंने भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण विभागों जैसे शहरी विकास की जिम्मेदारी संभाली।

एक महान नेता का अंतिम समय

यूकेडी के एक नेता ने कहा, "हमने आज एक अद्वितीय नेता को खो दिया है, जिनका योगदान सराहनीय था और जिसकी भरपाई संभव नहीं है।" दिवाकर भट्ट का अंतिम संस्कार बुधवार, 26 नवंबर को हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट पर किया जाएगा। उनकी यादें और योगदान हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगी।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने दिवाकर भट्ट के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा, "भट्ट का योगदान उत्तराखंड राज्य के निर्माण में अतुलनीय रहा है। वे न केवल एक समर्पित आंदोलनकारी थे, बल्कि दूरदर्शी नेता और जनसेवा के प्रतीक भी थे।" मंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और उनके परिवार को इस कठिन समय में साहस प्रदान करने की प्रार्थना की।

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भावनाओं और संवेदनाओं से भरपूर, दिवाकर भट्ट का निधन उत्तराखंड की राजनीति में एक बड़ा खालीपन छोड़ गया है। हम उन्हें हमेशा याद रखेंगे।

सादर,

टीम अमृता बाजार पत्रिका

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