उत्तराखंड के रजत जयंती समारोह में बहेगी कला और संस्कृति की बयार - सचिव संस्कृति

Oct 28, 2025 - 21:44
 154  501.8k
उत्तराखंड के रजत जयंती समारोह में बहेगी कला और संस्कृति की बयार - सचिव संस्कृति
उत्तराखंड के रजत जयंती समारोह में बहेगी कला और संस्कृति की बयार - सचिव संस्कृति

उत्तराखंड के रजत जयंती समारोह में बहेगी कला और संस्कृति की बयार

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika

कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड 09 नवंबर को राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे करने के साथ रजत जयंती का भव्य समारोह आयोजित करेगा। यह समारोह 01 नवंबर से 09 नवंबर तक चलेगा जिसमें हर दिन अलग-अलग थीम पर आधारित गतिविधियाँ होंगी।

प्रदेश की संस्कृति एवं धर्मस्व सचिव युगल किशोर पंत ने एक प्रेस वार्ता में इस समारोह के आयोजन का विवरण साझा किया। इस विशेष कार्यक्रम की शुरुआत 01 नवंबर से होगी, जब पहले दिन सुबह 11:00 बजे से 02:00 बजे तक लोक नृत्य प्रस्तुति का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद अपराह्न 03:30 से 05:00 बजे तक भातखंडे हिन्दुस्तानी संगीत महाविद्यालय पौड़ी के छात्रों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति होगी। अंत में, शाम 6 बजे से 9 बजे तक श्रीमती रामेश्वरी भट्ट द्वारा जागर गायन के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।

समारोह का विस्तृत कार्यक्रम

सचिव पंत ने आगे बताया कि:

  • दिनांक 02 नवम्बर: सुबह 11:00 से 02:00 बजे तक लोक नृत्य, हिमाचल के सांस्कृतिक दलों की नाटी प्रस्तुति, और अपराह्न 03:30 बजे से नृत्यांगन संस्था द्वारा गंगा अवतरण की प्रस्तुति। इसी दिन सांय 6 से 9 बजे तक लोक गायन और सिम्फनी ऑफ हिमालयाज का प्रदर्शन होगा।
  • दिनांक 03 नवम्बर: जनजाति लोक नृत्य, तिब्बती सांस्कृतिक कार्यक्रम, और उत्तराखंड की लोकभाषा एवं संस्कृति पर पैनल डिस्कशन होने वाला है।
  • दिनांक 04 नवम्बर: असम और हिमाचल प्रदेश के लोकनृत्यों की प्रस्तुति, और रंगमंच विषय पर पैनल डिस्कशन होगा।
  • दिनांक 05 नवम्बर: पौराणिक लोक वाद्य, मणिपुरी रासलीला, और नाट्य मंचन का प्रदर्शन किया जाएगा।
  • दिनांक 06 नवम्बर: जनजाति लोकनृत्यों की प्रस्तुति, नंदा राजजात विषय पर चर्चा, और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
  • दिनांक 07 नवम्बर: उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर के लोक नृत्यों के साथ खानपान और विरासत पर चर्चा।
  • दिनांक 08 नवम्बर: लोक नृत्यों की प्रस्तुति और कवि सम्मेलन का आयोजन होगा।
  • दिनांक 09 नवम्बर: लोक संस्कृति की प्रस्तुति, एवं भूटान बैण्ड की प्रस्तुति।

इस आयोजन का महत्व

यह समारोह न केवल उत्तराखंड की संस्कृति और कला को दर्शाता है, बल्कि समर्पित पार्टिसिपेंट्स और कलाकारों की मेहनत का भी प्रतीक है। सचिव पंत ने बताया कि इस रजत जयंती समारोह को सफल बनाने के लिए स्थानीय कलाकारों, संगीत विद्यालयों और संस्कृति संस्थानों का समर्थन प्राप्त होगा।

उत्तराखंड की विविधता, संस्कृति और कलाओं को एक मंच पर लाने का यह प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण है। हर दिन के कार्यक्रम अलग-अलग दृष्टिकोणों को पेश करेंगे और इस प्रकार, राज्य के अद्वितीय सांस्कृतिक धरोहर को उजागर करेंगे।

अंत में

इस रजत जयंती समारोह में शामिल होने का यह सुनहरा अवसर है। उत्तराखंड के निवासियों से लेकर पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों तक, सभी को इस समारोह का हिस्सा बनने की कोशिश करनी चाहिए।

इसके अतिरिक्त, यदि आप इस आयोजन के बारे में और जानना चाहते हैं, तो यहाँ क्लिक करें

हमारी तरफ से सभी को इस भव्य समारोह की शुभकामनाएँ।

Team Amrita Bazaar Patrika
श्रींका देवी

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0