उत्तराखंड: देहरादून में सात मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निरस्त, बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता

Oct 8, 2025 - 21:44
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उत्तराखंड: देहरादून में सात मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निरस्त, बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता
उत्तराखंड: देहरादून में सात मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निरस्त, बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता

उत्तराखंड: देहरादून में सात मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निरस्त, बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता

कम शब्दों में कहें तो: उत्तराखंड सरकार ने देहरादून में सात मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस को निरस्त कर दिया है। यह कार्रवाई संदिग्ध कफ सिरप के खिलाफ की गई है।

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देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने बच्चों की सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए देहरादून में सात मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। खाद्य संरक्षा और औषधि प्रशासन (FDA) ने अवैध और असुरक्षित कफ सिरप के खिलाफ एक व्यापक अभियान शुरू किया है, जिससे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

मुख्य कार्रवाई और अवैध सिरप का जब्त होना

इन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निरस्त करने का निर्णय मुख्य रूप से चकराता रोड, किशननगर, बल्लूपुर, कांवली रोड, बल्लीपुर और प्रेमनगर क्षेत्रों में लिया गया है। FDA की टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं और संदिग्ध सिरप को जब्त करके 11 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। इसके अलावा, राज्य के विभिन्न हिस्सों से भी संदिग्ध कफ सिरप के नमूने एकत्रित किए गए हैं।

कफ सिरप पर निरीक्षण अभियान

अभियान के तहत उधम सिंह नगर, हरिद्वार, रुड़की, हल्द्वानी, और कोटद्वार में भी नमूने लिए गए हैं। उधम सिंह नगर में 40 कफ सिरप के नमूने प्रयोगशाला में भेजे गए हैं। हरिद्वार और रुड़की से 15 नमूने जांच हेतु भेजे गए, जबकि हल्द्वानी में सरकारी अस्पताल से 3 नमूने लिए गए हैं। कोटद्वार में 'Respifresh TR' सिरप का स्टॉक सीज कर दिया गया है और नए नमूने लिए गए हैं।

अब तक कुल 148 नमूने जांच के लिए भेजे जा चुके हैं, और संबंधित प्रतिष्ठानों को चेतावनी दी गई है। कई स्थानों पर संदिग्ध स्टॉक को सील कर दिया गया है।

सरकारी बयान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कहा है,

“बच्चों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा पर किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। हमारी सरकार बच्चों की जान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी तत्व के खिलाफ सख्त है।”

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने भी अभियान के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा,

“एफडीए की कार्रवाई यह संदेश देती है कि बच्चों की सेहत हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिना डॉक्टर की सलाह कोई भी सिरप बच्चों को न दें।”

इस कार्रवाई के पीछे की वजह स्पष्ट है - बच्चों की सुरक्षा। सरकारी अधिकारियों द्वारा की जा रही यह कार्रवाई कई स्तरों पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे न केवल बच्चों की ज़िंदगियाँ सुरक्षित होती हैं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता को भी मजबूती मिलती है।

अंत में, यह देखने की ज़रूरत है कि इस तरह के निरंतर अभियानों से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो रहा है बल्कि अवैध दवाओं के कारोबार को भी समाप्त किया जा रहा है।

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आपकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।

Team Amrita Bazaar Patrika
साक्षी मेहरा

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