उत्तराखंड में 700 राफ्टिंग गाइडों को मिलेगा फर्स्ट एड व सीपीआर प्रशिक्षण
उत्तराखंड में 700 राफ्टिंग गाइडों को मिलेगा फर्स्ट एड व सीपीआर प्रशिक्षण
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika.
कम शब्दों में कहें तो उत्तराखंड सरकार और हेनिफ्ल सेंटर के बीच हुए समझौते के तहत 700 राफ्टिंग गाइडों को प्राथमिक उपचार और सीपीआर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह पहल साहसिक पर्यटन की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
देहरादून। उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड (UTDB) ने हेनिफ्ल सेंटर के साथ मिलकर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत 25 साल में पहली बार व्यवस्थित प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
फर्स्ट एड और सीपीआर प्रशिक्षण का महत्व
इस कार्यक्रम का लक्ष्य राज्य के नदी राफ्टिंग गाइडों को आधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप प्रशिक्षित करना है। माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप, इस योजना के तहत गाइडों को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) और कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण न केवल गाइडों के कौशल में वृद्धि करेगा, बल्कि पर्यटकों की सुरक्षा को भी सुनिश्चित करेगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम की लागत और अवधि
प्रशिक्षण कार्यक्रम की कुल लागत का 25 प्रतिशत राफ्टिंग कंपनियों द्वारा, 25 प्रतिशत गंगा नदी नैचुरल (GNR) द्वारा और शेष 50 प्रतिशत व्यय उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा वहन किया जाएगा। प्रशिक्षण का पहला चरण 10 जनवरी से शुरू होकर फरवरी के अंत तक चलेगा। इस अवधि को राफ्टिंग का ऑफ-सीजन माना जाता है, जिससे गाइडों को अपने कार्य में बाधा नहीं आएगी।
राफ्टिंग उद्योग का महत्व
गंगा नदी भारत में रिवर राफ्टिंग का सबसे बड़ा केंद्र है। यहाँ पर लाखों देशी-विदेशी पर्यटक हर साल राफ्टिंग का आनंद लेते हैं। राफ्टिंग उद्योग से प्रतिवर्ष 200 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होता है, जिससे स्थानीय युवाओं और पर्यटन से जुड़े अन्य क्षेत्रों में रोजगार का अवसर मिलता है।
भविष्य की योजनाएँ
पर्यटन सचिव के अनुसार, यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पूर्ण होने के बाद गंगा नदी के राफ्टिंग क्षेत्रों में लगभग 700 प्रशिक्षित और प्रमाणित नदी गाइड उपलब्ध होंगे। इससे न केवल पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि उत्तराखंड की साहसिक पर्यटन छवि भी और मजबूत होगी। आगे की योजनाओं में UTDB द्वारा ट्रेकिंग और अभियान गतिविधियों से जुड़े अन्य गाइडों को भी इसी तरह का प्रशिक्षण दिए जाने की संभावना है۔
यह प्रयास उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा पिछले 25 वर्षों में की गई पहली ऐसी पहल है, जिसे पूरे देश में साहसिक पर्यटन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
इससे जुड़े और अधिक जानकारी के लिए हमारे वेबसाइट पर जाएं: https://amritabazaarpatrika.com
संपादकीय : टीम अमृता बाजार पत्रिका (स्वेता शर्मा)
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0