उत्तराखंड में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चयनित गांवों का किया जाएगा मॉडल टूरिज्म विलेज के रूप में विकास

Jan 9, 2026 - 00:44
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उत्तराखंड में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चयनित गांवों का किया जाएगा मॉडल टूरिज्म विलेज के रूप में विकास
उत्तराखंड में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चयनित गांवों का किया जाएगा मॉडल टूरिज्म विलेज के रूप में विकास

उत्तराखंड में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चयनित गांवों का किया जाएगा विकास

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड सरकार के द्वारा ग्रामीण पर्यटन को सशक्त रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

देहरादून। 8 जनवरी 2026 को आयोजित टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक में, उत्तराखंड के ग्रामीण पर्यटन को नया आयाम देने की योजना पर चर्चा की गई। यह बैठक सचिव पर्यटन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के नेतृत्व में आयोजित हुई। मुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री के मार्गदर्शन में यह महत्वपूर्ण समीक्षा की गई, जिसमें निर्णय लिए गए कि हर जनपद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक जिला टास्क फोर्स समिति गठित की जाएगी।

जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति का गठन

इस समिति में ग्रामीण विकास, आयुष, उद्यान, कृषि, सगंध पौधा केंद्र, पंचायती राज, प्रशिक्षण तथा सेवायोजन जैसे विभिन्न विभागों को शामिल किया जाएगा। यह समिति शीघ्र ही प्रत्येक जनपद में कम से कम दो ग्रामीण पर्यटन ग्रामों का चयन करेगी और अवस्थापना विकास से संबंधित प्रस्ताव तैयार कर पर्यटन विभाग को सौंपेगी।

मॉडल टूरिज्म विलेज की चयनित गांवों की सूची

बैठक में चर्चा की गई कि माट (कसार देवी) अल्मोड़ा, मदकोट (पिथौरागढ़), प्योड़ा (नैनीताल), और लाखामंडल (देहरादून) को वैलनेस टूरिज्म से जोड़ा जाएगा। वहीं, लीति (बागेश्वर) को कम्युनिटी बेस्ड, एडवेंचर एवं एग्री बेस्ड टूरिज्म के अंतर्गत विकसित किया जाएगा। इसी प्रकार, घेस (चमोली), जखोल (उत्तरकाशी), सौड़ (टिहरी) और सारी (रुद्रप्रयाग) गांवों को एडवेंचर टूरिज्म के रूप में विकसित करने पर चर्चा हुई।

विभिन्न प्रकार के पर्यटन विकल्प

अन्य विभागों के समन्वय से चयनित गांवों को मॉडल टूरिज्म विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। इन गांवों में होम-स्टे निर्माण को बढ़ावा देने के साथ-साथ क्षेत्र की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विशेषताओं के अनुसार वैलनेस, हर्बल, एग्री, हेरिटेज, कम्युनिटी बेस्ड और एडवेंचर टूरिज्म को भी केंद्र में रखा जाएगा। पर्यटन विभाग ने आदर्श पर्यटन ग्राम की रूपरेखा पर आधारित प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत किया।

आवश्यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश

बैठक में रूरल बिजनेस इन्क्यूबेटर को निर्देश दिए गए कि वे राज्य में होम-स्टे संचालकों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें। बैठक में ग्रामीण विकास विभाग की अपर सचिव, उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अपर निदेशक पर्यटन, रूरल बिजनेस इन्क्यूबेटर के प्रतिनिधियों और विभिन्न जनपदों के मुख्य विकास अधिकारी तथा जिला पर्यटन विकास अधिकारी शामिल हुए।

प्रधानमंत्री के वाइब्रेंट विलेज विजन के तहत निर्णय

इस अवसर पर सचिव पर्यटन ने कहा कि इस बैठक में किए गए सभी निर्णय प्रधानमंत्री के वाइब्रेंट विलेज विजन और राज्य सरकार के सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के संकल्प से प्रेरित हैं।

इस योजना के माध्यम से न केवल ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा बल्कि स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को भी संरक्षित किया जाएगा। ऐसे में ये चुने हुए गांव पर्यटन का नया गढ़ बनने की दिशा में अग्रसर हैं।

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तृप्ति शर्मा
टीम अमृता बाजार पत्रिका

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