उत्तराखंड: हरी-पीली चादर बिछाकर अतिक्रमण करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा- सीएम धामी
उत्तराखंड: हरी-पीली चादर बिछाकर अतिक्रमण करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा- सीएम धामी
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक विशेष विधानसभा सत्र में अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कही है।
देहरादून। उत्तराखंड राज्य की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने ऐतिहासिक संबोधन में राज्य के विकास की यात्रा, नई नीतियों और भविष्य के लक्ष्यों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि हरी, नीली और पीली चादर बिछाकर भूमि पर कब्जा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, और ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य में डेमोग्राफी में बड़े बदलाव आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग आस्था के नाम पर खिलवाड़ कर रहे हैं, और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
सीएम धामी ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार ने नकल माफिया के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। इसके साथ ही, उन्होंने उत्तराखंड के राज्य गठन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर भी प्रकाश डाला, जिसमें कई आंदोलनकारियों और बलिदानियों का योगदान है।
उत्तराखंड की प्रगति और भविष्य की योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड अब देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। राज्य की अर्थव्यवस्था 26 गुना और प्रति व्यक्ति आय 18 गुना बढ़ी है। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक में राज्य ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है, और किसानों की आय वृद्धि दर में भी राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्षों में 30 से अधिक नई नीतियाँ लागू की गई हैं, जो उद्योग, पर्यटन, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति ला रही हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 3.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौते हुए हैं, और इनमें से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव पहले ही धरातल पर उतर चुके हैं।
समान नागरिक संहिता और पारदर्शी शासन
मुख्यमंत्री ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) कानून लागू करने की भी बात की, जो कि समानता, न्याय और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी, दंगारोधी और नकल विरोधी कानूनों के माध्यम से पारदर्शी और जवाबदेह शासन की मिसाल पेश की गई है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों में अवसर प्रदान किए गए हैं, साथ ही 1 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं। राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान हेतु अलग-अलग योजनाएं भी बनाई गई हैं।
विकसित उत्तराखंड का सपना
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड “विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है और उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश की सवा करोड़ जनता के सहयोग से उत्तराखंड आने वाले वर्षों में देश का श्रेष्ठ राज्य बनेगा।
उन्होंने अपने संबोधन का समापन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रेरणादायक गीत की पंक्तियों के साथ किया—“पतवार चलाते जाएंगे, मंज़िल आएगी… आएगी।”
इस महत्वपूर्ण सत्र को लेकर विधानसभा की कार्यवाही अगले दिन भी जारी रहेगी, जिससे राज्य के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।
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स्रोत: अविकल उत्तराखंड
Team Amrita Bazaar Patrika
शीतल गुप्ता
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