उत्तराखण्ड की ऐतिहासिक उपलब्धि: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में दर्ज हुआ ₹5,310 करोड़ का राजस्व अधिशेष

Sep 24, 2025 - 00:44
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उत्तराखण्ड की ऐतिहासिक उपलब्धि: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में दर्ज हुआ ₹5,310 करोड़ का राजस्व अधिशेष
उत्तराखण्ड की ऐतिहासिक उपलब्धि: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में दर्ज हुआ ₹5,310 करोड़ का राजस्व अधिशेष

उत्तराखण्ड की ऐतिहासिक उपलब्धि: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में दर्ज हुआ ₹5,310 करोड़ का राजस्व अधिशेष

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखण्ड ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में ₹5,310 करोड़ का राजस्व अधिशेष हासिल कर एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर तय किया है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संभव हुई है, जिसने राज्य को आर्थिक स्थिरता के नए आयाम तक पहुँचाया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

देहरादून: भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की हालिया रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि उत्तराखण्ड ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में अपनी वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार करते हुए ₹5,310 करोड़ का राजस्व अधिशेष दर्ज किया है। यही नहीं, इस उपलब्धि ने उत्तराखण्ड को उन राज्यों की श्रेणी में शामिल कर दिया है जिन्होंने इस अवधि में राजस्व अधिशेष हासिल किया है।

सीएजी रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु

  • राजस्व अधिशेष: वित्तीय वर्ष 2022-23 में उत्तराखण्ड ने ₹5,310 करोड़ का अधिशेष दर्ज किया।
  • समग्र प्रगति: यह उपलब्धि राज्य की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार का संकेत देती है।
  • आर्थिक मजबूती का प्रमाण: कभी “बिमारू” श्रेणी में रखे जाने के बाद, उत्तराखण्ड ने अब सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।
  • सकारात्मक आर्थिक परिवर्तन: आर्थिक अनुशासन में पहले चुनौतियों के बावजूद, अब राज्य ने सतर्क प्रबंधन और पारदर्शी नीतियों के तहत यह उपलब्धि प्राप्त की है।

निवेश और विकास की नई दिशा

सीएजी की यह रिपोर्ट केवल एक वित्तीय सफलता नहीं है, बल्कि यह उत्तराखण्ड राज्य की सुशासन की नीतियों का परिचायक है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, "हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प से प्रेरणा लेकर अपने राज्य को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने के दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। यह केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की आर्थिक आत्मनिर्भरता और समृद्ध भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम है।" यह बयान इस तथ्य को दर्शाता है कि राज्य सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन को प्रमुखता देने के साथ आगे बढ़ रही है।

भविष्य की राह

उत्तराखण्ड की यह ऐतिहासिक उपलब्धि उसके भविष्य की विकास योजनाओं में नई रौनक लाएगी। सरकार का लक्ष्य आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाना, निवेश आकर्षित करना, और स्थानीय उद्योगों को सशक्त बनाना है, जिससे वे राज्य की आर्थिक आधारशिला को और मजबूत बना सकें।

राज्य के इस नई आर्थिक दिशा का सकारात्मक प्रभाव न केवल लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाएगा, बल्कि यह ऊर्जा, परिवहन, और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में भी उन्नति की दर को बढ़ावा देगा। इसके साथ ही, शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना इस सरकार की प्राथमिकता सूची में हमेशा रहेगा।

सीएजी की रिपोर्ट दिखाती है कि कैसे एक सफल नेतृत्व और सही नीतियों के माध्यम से राज्य की आर्थिक सेहत को ठीक किया जा सकता है। यही कारण है कि उत्तराखण्ड आज एक उभरते हुए आर्थिक केंद्र के रूप में उभरा है।

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इस ऊर्जावान सफलतापूर्वक निर्माण की कड़ी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का योगदान अनमोल है और यह सिद्ध करता है कि निर्धारित लक्ष्य प्राप्ति में दृढ़ता कितनी महत्वपूर्ण होती है।

टीम अमृता बाज़ार पत्रिका

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