उत्तराखण्ड ने केंद्र से 5702.15 करोड़ रुपये का विशेष आर्थिक पैकेज मांगा
उत्तराखण्ड ने केंद्र से 5702.15 करोड़ रुपये का विशेष आर्थिक पैकेज मांगा
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कम शब्दों में कहें तो उत्तराखण्ड ने मानसून के समय आई आपदाओं से होने वाली क्षतियों की क्षतिपूर्ति के लिए केंद्र से एक विशाल आर्थिक पैकेज की मांग की है, जिससे पुनर्निर्माण और राहत कार्यों में सहायता मिलेगी।
देहरादून। उत्तराखण्ड का आपदा प्रबंधन विभाग ने इस वर्ष मानसून के दौरान आई आपदाओं के कारण हुई क्षति की भरपाई के लिए केंद्र सरकार से 5702.15 करोड़ रुपये की विशेष सहायता की मांग की है। प्रमुख सचिव आरके सुधांशू और सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने गुरुवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया है कि इस विशेष सहायता राशि का उपयोग प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण और भविष्य में संभावित आपदाओं से निपटने के लिए किया जाएगा।
आपदाओं का भयावह प्रभाव
राज्य ने मानसून के दौरान कई भयावह आपदाओं का सामना किया है, जैसे धराली और थराली। इन आपदाओं के कारण सार्वजनिक निर्माण विभाग और अन्य महत्वपूर्ण विभागों को बहुत अधिक क्षति हुई है। सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार, विभिन्न विभागों को कुल मिलाकर लगभग 1944.15 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इनमें लोक निर्माण विभाग को 1163.84 करोड़, सिंचाई विभाग को 266.65 करोड़, तथा अन्य विभागों को भी भारी नुकसान हुआ है।
आवश्यकताओं का विस्तृत आकलन
ज्ञापन में राज्य सरकार ने केवल क्षति का आंकड़ा पेश नहीं किया, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में होने वाली क्षतियों को रोकने के लिए 3758.00 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता की भी आवश्यकता है। कुल मिलाकर, केंद्र से मांगे गए 5702.15 करोड़ रुपये का लक्ष्य आपदाओं के कारण हुए नुकसान को दूर करना और आपातकालीन अवसंरचना को मजबूत करना है।
संजीवनी की तरह केंद्रीय मदद
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की ओर से मिल रही मदद की सराहना की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह निरंतर उत्तराखण्ड के साथ खड़े रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आपदा राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए केंद्रीय सरकार की ओर से त्वरित सहयोग की आवश्यकता है। राज्य सरकार ने तेज़ी से राहत कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए केंद्रीय सरकारी सहयोग का अनुरोध किया है।
केंद्र से सकारात्मक प्रतिक्रिया
एनडीएमए ने उत्तराखण्ड राज्य के आपदा द्वारा प्रभावित क्षेत्रों को सहायता देने का आश्वासन दिया है। प्रमुख सचिव आरके सुधांशु ने बताया कि निकट भविष्य में इस संबंध में और गहन चर्चा की जाएगी।
केंद्रीय टीम का दौरा
8 सितम्बर 2025 को गृह मंत्रालय द्वारा गठित केंद्रीय टीम उत्तराखण्ड के दौरे पर आ रही है। यह टीम आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय आकलन करेगी।
कुल मिलाकर, उत्तराखण्ड की सरकार ने इस आपदा के प्रभावों को कम करने के लिए एक ठोस कदम उठाया है। साथ ही, यह उम्मीद की जा रही है कि केंद्र सरकार की सहयोगात्मक मदद से राज्य जल्द सामान्य स्थिति की ओर बढ़ सकेगा।
हमारी कार्यवाही, जो आपदाओं और उनके प्रभावों को कम करने के लिए आवश्यक है, में सभी स्तरों पर प्रभावकारी निर्णय लेने की प्रक्रिया दिखाई दे रही है।
इस संबंध में अधिक जानकारी और अपडेट्स के लिए कृपया हमारे पेज पर विजिट करें: Amrita Bazaar Patrika
संदेश भेजने वालों के लिए: आपदा प्रबंधन से संबंधित मुद्दों पर चर्चाएँ को आगे बढ़ाना, सरकार की ज़िम्मेदारी का अद्यतन होना और लोगों की ज़िंदगी में स्थिरता लाने की सभी कोशिशें महत्वपूर्ण हैं।
सादर, टीम अम्रीता बाजार पत्रिका - प्रिया शर्मा
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