कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम: राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय
कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम: राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय
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कम शब्दों में कहें तो, टिहरी गढ़वाल में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम को लेकर शनिवार को हुई राज्य स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण बातें सामने आईं।
टिहरी गढ़वाल, 20 सितम्बर। विकास भवन, नई टिहरी में आयोजित इस समीक्षा बैठक की अध्यक्षता समिति की अध्यक्ष गीता रावत ने की। इस बैठक में कार्यस्थल पर गठित आंतरिक समितियों के कार्यों, दर्ज मामलों और उनके निपटारे में हो रही प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
यौन उत्पीड़न के मामलों की गंभीरता
बैठक में, गीता रावत ने कहा कि यौन उत्पीड़न के मामलों में केवल उत्पीड़क का इरादा ही नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसका पीड़ित पर पड़ने वाला प्रभाव भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि अक्सर जानकारी की कमी, सामाजिक शर्म या दबाव के कारण ऐसे मामलों को सामने लाने में समस्याएँ आती हैं।
जन-जागरूकता और काम करने की दिशा
गीता रावत ने निर्देश दिया कि जनपद स्तर पर समितियों की नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएं और जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यशालाओं, गोष्ठियों, पोस्टर-बैनरों और अन्य माध्यमों का सहारा लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्राइवेट सेक्टर से भी सम्बन्धित डेटा एकत्र किया जाए ताकि अगली बैठक में उसे प्रस्तुत किया जा सके। इसके अलावा, ऑनलाइन शिकायत प्रणाली को और सुदृढ़ बनाने पर भी जोर दिया गया।
ऑनलाइन शिकायत प्रणाली की स्थिति
इस मौके पर बाल विकास विभाग की ओर से जानकारी दी गई कि वर्तमान में ‘सी-बॉक्स’ नामक ऑनलाइन पोर्टल पर कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई है। यह स्थिति विचार करने योग्य है और इस दिशा में अधिक प्रयास करने की आवश्यकता है।
सरकारी अधिकारियों की सक्रियता
मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने प्राइवेट सेक्टर की सभी संस्थाओं में यौन उत्पीड़न निरोधक समितियों के गठन का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इन समितियों की रिपोर्ट यथाशीघ्र उपलब्ध कराई जाए। बैठक से पूर्व श्रम अधिकारी आयशा ने पीपीटी के माध्यम से जनपद में गठित समितियों एवं उनके कार्यों के बारे में जानकारी साझा की।
बैठक में उपस्थित प्रतिनिधि
इस बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, जिला विकास अधिकारी मो. असलम, सीओ ओसीन जोशी, एसीएमओ डॉ. दीपा रूबली, डीएसओ मनोज डोभाल, अधिशासी अभियंता बृजेश गुप्ता, जिला सेवायोजन अधिकारी लक्ष्मी यादव, सहायक निदेशक मत्स्य उपेंद्र प्रताप और अन्य विभागीय अधिकारी एवं प्राइवेट सेक्टर के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक में चर्चा के बाद स्पष्ट हुआ कि यौन उत्पीड़न की रोकथाम के लिए सभी स्तरों पर एकत्रित प्रयासों की आवश्यकता है। साथ ही, जागरूकता अभियानों की तेज आवश्यकता है ताकि कोई भी पीड़ित संकोच न करे और अपनी शिकायत सामने लाने के लिए प्रोत्साहित हो।
इस बैठक के द्वारा यह संकल्प लिया गया कि सभी अधिकारी और संबंधित पक्ष इस दिशा में मिलकर कार्य करेंगे। संवेदनशीलता के साथ इस मुद्दे पर संवाद एवं कार्रवाई में तेजी लाना imperative है।
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सादर,
ट्रैसी शर्मा
टीम अमृता बाजार पत्रिका
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