कोटेश्वर पर्यटन विकास मेले का सफल समापन: सांस्कृतिक कार्यक्रमों से भरी शाम

Jan 19, 2026 - 21:44
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कोटेश्वर पर्यटन विकास मेले का सफल समापन: सांस्कृतिक कार्यक्रमों से भरी शाम
कोटेश्वर पर्यटन विकास मेले का सफल समापन: सांस्कृतिक कार्यक्रमों से भरी शाम

कोटेश्वर पर्यटन विकास मेले का सफल समापन: सांस्कृतिक कार्यक्रमों से भरी शाम

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कम शब्दों में कहें तो, टिहरी गढ़वाल के चाका–क्वीली में आयोजित श्री सिद्धपीठ कोटेश्वर पर्यटन विकास मेले का श्रीगणेश रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पुरस्कार वितरण के साथ हुआ। इस मेले में लोकगायक मंगलेश डंगवाल की प्रस्तुति ने हर दर्शक को झूमने पर मजबूर कर दिया।

प्रारंभ में, समापन समारोह का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल एवं कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। इस मौके पर क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति को दर्शाते हुए पारंपरिक ढोल–दमाऊ के साथ अतिथियों का स्वागत किया गया। मेला पंडाल में उपस्थित दर्शकों ने मंगलेश डंगवाल के गढ़वाली गीतों पर जमकर झूमते हुए उत्सव का आनंद लिया।

मंत्रीगणों की उपस्थिति और अभिव्यक्ति

मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने अपने संबोधन में स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा को याद करते हुए क्षेत्र के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे मेलों का आयोजन क्षेत्रों में सांस्कृतिक समर्पण को बढ़ावा देता है।

कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने उत्तराखंड की संस्कृति को जीवित रखने में मेलों की महत्वपूर्ण भूमिका को जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन युवाओं को अपने सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़े रखने में सहायक है।

परिस्थिति और प्रतिभागियों का सम्मान

समापन समारोह में विभिन्न खेलकूद और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान किए गए। मेला समिति की अध्यक्ष दीक्षा राणा ने इस अवसर पर सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा स्थानीय नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने पूरे उत्साह के साथ मेला समारोह का आनंद लिया। यह मेले न केवल क्षेत्र के विकास का प्रतीक हैं, बल्कि स्थानीय समुदायों को एकत्र होने और अपनी सांस्कृतिक धरोहर को साझा करने का एक महत्वपूर्ण मंच भी प्रदान करते हैं।

मेलों का महत्व और विकास की दिशा

उत्तराखंड की पर्वतीय संस्कृति को संरक्षित करने के लिए ऐसे मेलों की आवश्यकता और भी बढ़ गई है। यह आयोजन स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और कला का अनूठा प्रदर्शन है और इसे आगे बढ़ाने के लिए सभी सदस्य और समुदाय को मिलकर प्रयास करना होगा।

इस मेले की सफलता के साथ, हम आशा करते हैं कि भविष्य में और भी ऐसे आयोजन होंगे जो न केवल पर्यटन को बढ़ावा देंगे, बल्कि स्थानीय आर्थिक विकास में भी योगदान देंगे।

इसके अलावा, यदि आप इस तरह की और जानकारियों के लिए अपडेट रहना चाहते हैं, तो हमारे पोर्टल अमृता बाजार पत्रिका पर जाएं।

संदेश: चलिए हम सब मिलकर अपने सांस्कृतिक मेलों का सम्मान करें और उन्हें आगे बढ़ाएं।

सादर,

टीम अमृता बाजार पत्रिका

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