क्षेत्रीय सलाहकार समिति की बैठक एवं जीआई कार्यशाला: ग्रामीण विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम
क्षेत्रीय सलाहकार समिति की बैठक एवं जीआई कार्यशाला: ग्रामीण विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम
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कम शब्दों में कहें तो, 30 दिसंबर 2025 को देहरादून में नाबार्ड द्वारा आयोजित क्षेत्रीय सलाहकार समिति बैठक और जीआई कार्यशाला में विभिन्न विभागों के बीच सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र की समृद्धि को बढ़ावा मिल सके।
देहरादून स्थित राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के उत्तराखंड क्षेत्रीय कार्यालय ने 30 दिसंबर 2025 को अपनी दूसरी क्षेत्रीय सलाहकार समिति (RAC) बैठक एवं जीआई कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला में "ग्रामीण समृद्धि हेतु जीआई की क्षमता का उपयोग: ब्रांडिंग, विपणन एवं मूल्य संवर्धन के लिए पोस्ट-जीआई रणनीतियाँ" विषय पर चर्चा हुई।
कार्यशाला का उद्घाटन पंकज यादव, मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड द्वारा किया गया। इस दौरान SLBC, UKSRLM, KVIC/KVIB, कृषि एवं उद्यान विभाग, IIT रुड़की, IIM काशीपुर, UKSTCB, ग्रामीण विकास विभाग एवं विभिन्न NGOs के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उत्तराखंड टी बोर्ड, DDMs और कई चैनल पार्टनर्स ने वर्चुअल माध्यम से भी अपनी सहभागिता दिखाई।
इस कार्यशाला की मुख्य विशेषता रहे पद्मश्री डॉ. राजनिकांत, जिन्हें GI मैन ऑफ इंडिया भी कहा जाता है। डॉ. राजनिकांत ने जीआई पंजीकरण, अधिकृत उपयोगकर्ता जोड़ने तथा पोस्ट-जीआई रणनीतियों पर मार्गदर्शन दिया। इसके साथ ही उन्होंने उत्तराखंड में नाबार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की, जिसमें जीआई योग्य उत्पादों की पहचान, पंजीकरण, ब्रांडिंग एवं विपणन के प्रयास शामिल हैं।
बैठक में विभिन्न विभागों की ओर से विशेषज्ञों ने सुझाव दिए कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और स्टार्टअप्स जीआई उत्पादों के प्रचार, ब्रांडिंग और बाजार विस्तार में कैसे योगदान कर सकते हैं। इस दिशा में विभिन्न विभागों और योजनाओं के बीच अभिसरण पर जोर दिया गया, ताकि जीआई आधारित ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा दिया जा सके।
नाबार्ड ने एक बार फिर यह संकल्प लिया कि वह ग्रामीण समुदायों को जीआई संवर्धन, ब्रांडिंग सहायता, प्रशिक्षण एवं बाजार संपर्क के माध्यम से सशक्त करेगा। इस प्रकार, उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
अंत में, यह कहना उचित होगा कि नाबार्ड की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाने और ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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टीम अमrita Bazaar Patrika
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