गणेश जोशी की केंद्रीय कृषि मंत्री से बैठक: प्रदेश की विकास योजनाओं पर गहन चर्चा
गणेश जोशी की केंद्रीय कृषि मंत्री से बैठक: प्रदेश की विकास योजनाओं पर गहन चर्चा
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कम शब्दों में कहें तो, प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने बुधवार को केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से सार्थक वार्ता की। इस वार्ता में कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं पर चर्चा की गई।
प्रदेश के कृषि, किसान कल्याण एवं ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान, कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री गणेश जोशी ने इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री को बद्रीनाथ धाम का प्रसाद और एक सुंदर शॉल भेंट की। यह न केवल एक शिष्टाचार भेंट थी, बल्कि विकास योजनाओं पर गंभीर चर्चा की शुरुआत भी थी।
प्रधानमंत्री आवास योजना पर प्रस्ताव
गणेश जोशी ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की वर्तमान स्वीकृत अनुदान राशि ₹1.30 लाख प्रति आवास इकाई को बढ़ाकर ₹2.00 लाख प्रति आवास इकाई किया जाए। इससे प्रदेश के गरीब नागरिकों को अधिक लाभ मिलेगा और आवासीय समस्याओं का समाधान होगा।
कार्य पूर्णता के लिए समय सीमा का विस्तार
साथ ही मंत्री जोशी ने पीएमजीएसवाई-I के अवशेष कार्यों को पूर्ण करने के लिए समय सीमा को मार्च 2026 तक बढ़ाने की मांग की। इसके अलावा, उन्होंने पीएमजीएसवाई-III कार्यों की पूर्णता के लिए एक वर्ष का अतिरिक्त विस्तार देने पर भी बात की। यह कदम क्षेत्रीय विकास को गति देगा और निर्माण प्रक्रियाओं में स्थिरता लाएगा।
मनरेगा में मजदूरी का मुद्दा
मंत्री जोशी ने मनरेगा के तहत अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी की दर में वृद्धि का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वर्तमान बाजार दरों के अनुरूप मजदूरी का संशोधन अत्यंत आवश्यक है, जिससे श्रमिकों के हितों की समुचित रक्षा की जा सके। यह ना केवल श्रमिकों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य देने की दिशा में एक कदम होगा बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा।
आपदाओं से हुए नुकसान का मुद्दा
प्रदेश में इस वर्ष आई आपदाओं से कृषि भूमि और विभागीय परिसंपत्तियों को हुए व्यापक नुकसान की जानकारी देते हुए मंत्री जोशी ने ₹3753.90 लाख की वास्तविक क्षति की भरपाई हेतु एसडीआरएफ/एनडीआरएफ मानकों से इतर धनराशि अवमुक्त करने का भी आग्रह किया। यह सहायता प्रदेश के किसानों को पुनर्स्थापित करने और उनकी कृषि गतिविधियों को पुनः सक्रिय करने में सहायक होगी।
फसलों की सुरक्षा के उपाय
इसके अतिरिक्त, राज्य में फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए घेराबंदी कार्यों हेतु आरकेवीवाई–डीपीआर के तहत अगले पाँच वर्षों के लिए सालाना ₹200 करोड़ का बजट आवंटित करने का आग्रह भी किया गया। मंत्री जोशी ने वर्ष 2025-26 में पीएम-आरकेवीवाई योजना की दूसरी किस्त अवमुक्त करने की भी मांग की। यह कदम किसान समुदाय को तनावमुक्त करेगा और फसल सुरक्षा को बढ़ावा देगा।
केंद्रीय मंत्री का आश्वासन
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मुलाकात के दौरान सभी बिंदुओं पर सकारात्मक रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि आपदा में हुए नुकसान का योजनाओं के माध्यम से क्षतिपूर्ति की जाएगी और शीघ्र ही पीएम-आरकेवीवाई योजना की दूसरी किस्त के लिए स्वीकृति प्रदान की जाएगी। यह स्पष्ट है कि केंद्र सरकार प्रदेश के विकास योजनाओं को लेकर गंभीर है और शीघ्र कार्यवाही का आश्वासन भी दिया गया है।
कुल मिलाकर, यह बैठक राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करने का एक अवसर थी। आगे की योजनाओं को मूर्त रूप देने के लिए केंद्रीय और राज्य सरकार के बीच की इस संवाद की आवश्यकता बनी रहेगी।
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सदस्य,
Team Amrita Bazaar Patrika, प्रियंका शर्मा
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